- अग्रिम जमानत पर सुनवाई के दौरान अभियुक्त का उपस्थित रहना जरूरी नहीं।
- जब पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा, अभियुक्त को पुलिस या विवेचक के सामने उपस्थित होना पड़ेगा।
- आवेदक मामले से जुड़े गवाहों व अन्य व्यक्तियों को धमका नहीं सकेगा, न ही कोई आश्वासन दे सकेगा।
इन मामलों में अग्रिम जमानत नहीं
- एससी-एसटी एक्ट समेत अन्य गंभीर अपराध
- आतंकी गतिविधियों से जुड़े मामलों (अनलॉफुल एक्टिविटी ऐक्ट 1967) ऑफिशियल एक्ट, नारकोटिक्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट व मौत की सजा से जुड़े मुकदमे
मंजूर विधेयक के मुताबिक अग्रिम जमानत के लिए आवेदन की तिथि से 30 दिन के अंदर निस्तारण करना होगा। कोर्ट को अंतिम सुनवाई से सात दिन पहले लोक अभियोजक को नोटिस भेजना जरूरी होगा।
इन मामलों में कोर्ट अभियोग की प्रकृति और गंभीरता, आवेदक के इतिहास, उसकी न्याय से भागने की प्रवृत्ति पर विचार कर उसके आधार पर फैसला ले सकता है।