लखनऊ। आरटीओ रायबरेली के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलकर मौरंग और गिट्टी के ओवरलोड ट्रकों को आरटीओ से बचाने की धमकी देकर रुपये वसूलने के आरोपी आलोक दीक्षित की अग्रिम जमानत अर्जी को भ्रष्टाचार निवारण की विशेष कोर्ट ने खारिज कर दिया।
कोर्ट में अभियोजन की ओर से सरकारी वकील ने बताया कि रायबरेली के डीह थाना प्रभारी जितेंद्र मोहन सरोज ने डीह कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एफआईआर के मुताबिक पुलिस को सूचना मिली थी कि जनपद में परिवहन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिली भगत से गिट्टी, मौरंग के ट्रकों और ओवरलोड वाहनों को बिना रोक टोक आवागमन करने और आरटीओ से बचाव करने को धमकी देकर अवैध वसूली करके सरकार के राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले दो व्यक्ति सई नदी पुल के पास हैं। इस जानकारी पर पुलिस की टीम ने 17 नवंबर 2025 को आरोपी महेंद्र प्रताप सिंह और उसके साथी आलोक को गिरफ्तार किया था। अभियोजन ने आरोपी आलोक दीक्षित की जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी विवेचना में सहयोग नहीं कर रहा है।