लखनऊ। सरकारी अस्पतालों के लिए खरीदी गईं एंटीबायोटिक दवाओं के नमूने जांच में फेल हो गए हैं। निमोनिया व संक्रमण के इलाज में दी जाने वाली दवाओं अमोक्सिसिलिन एवं पोटेशियम क्लैवुलानेट ओरल सस्पेंशन (आईपी 200 मिग्रा) के दो बैच गुणवत्ता जांच में अधोमानक निकले। इसके बाद मेडिकल सप्लाइज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीएमएससीएल) ने दवाओं की आपूर्ति करने पर हिमाचल प्रदेश की कंपनी एथेंस लाइफ साइंस को तीन वर्ष के लिए काली सूची में डाल दिया है।
उप्र मेडिकल सप्लाई कार्पोरेशन सरकारी अस्पतालों में दवा की आपूर्ति करता है। कंपनी ने वर्ष 2024 के टेंडर के तहत एंटीबायोटिक अमोक्सिसिलिन एवं पोटेशियम क्लैवुलानेट ओरल सस्पेंशन खरीदा था। फिर मांग के हिसाब से दवाओं की आपूर्ति की। घटिया दवाएं देने पर कंपनी को नोटिस जारी किया गया। कंपनी ने जवाब भेजा, जिसे कार्पोरेशन ने संतोषजनक नहीं माना।
जांच में दूसरे बैच की दवाएं घटिया मिलने पर कंपनी को नोटिस भेजा गया। इस बार कंपनी ने तय समय तक कोई जवाब या स्पष्टीकरण नहीं दिया। इसके बाद एथेंस लाइफ साइंस को तीन वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया गया। वित्त नियंत्रक को कंपनी का भुगतान रोकने के आदेश भी दिए गए हैं।