उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा के लिए जबसे एंटी रोमियो स्क्वायड का गठन हुआ है ये तबसे चर्चा में है। कभी नाम को लेकर तो कभी इस स्क्वायड के व्यवहार को लेकर।
इन्हीं सबको देखते हुए अभी हाल ही में खबर थी कि एंटी रोमियो स्क्वायड का नाम बदलकर नारी सुरक्षा बल किया जाएगा वहीं अब इस दल के सदस्यों को भी नागरिकों से सलीके का व्यवहार करने की ट्रेनिंग दी जाएगी।
बता दें कि अभी तक एंटी रोमियो स्क्वायड के खिलाफ मोरल पुलिसिंग की कई शिकायतें मिल चुकी हैं। कई बार पुलिस ने जोड़ों को सड़क पर बेइज्जत किया और यहां तक कि मुर्गा बनाने, बाल काटने जैसे मामले तक सामने आए हैं।
लिहाजा एंटी रोमियो स्क्वायड को मिल रही निगेटिव फीडबैक के चलते ये विपक्ष के निशाने पर भी है। यहां तक सीएम योगी भी हिदायत दे चुके हैं कि मर्जी से साथ घूम रहे लोगों को पुलिस परेशान न करे, फिर भी सुधार नहीं दिख रहा।
साइकोलॉजिस्ट की मौजूदगी में चला सेशन
Sulkhan Singh
डीजीपी सुलखान सिंह के आदेश पर यूपी पुलिस ने एंटी रोमियो स्क्वायड के 50 से ज्यादा सदस्यों के लिए एक प्रश्नावली तैयार की और उनसे कुछ सवाल पूछे गए। इस प्रोग्राम का मकसद इस दल के सदस्यों में संवेदनशीलत पैदा करना था।
उनसे इस प्रश्नावली के तहत पूछा गया कि वे पब्लिक प्लेस पर मिलने वाले जोड़ों के साथ कैसा व्यवहार करेंगे? इसके साथ ही उन्हें विकल्प भी दिए गए जैसे उन्हें वहीं सजा देनी चाहिए?, उठक-बैठक लगवानी चाहिए, तलाशी और पूछताछ करनी चाहिए या कुछ नहीं करना चाहिए?
इस प्रश्नावली में कई सवाल शामिल थे जैसे एंटी रोमियो स्क्वायड का उद्देश्य क्या है?, एंटी रोमियो स्क्वायड को कार्यवाही स्थल पर पहुंचकर क्या करना चाहिए? इसके लिए ए, बी, सी और डी चार विकल्प भी दिए गए थे।
जानकारी के मुताबिक इस सेशन में सब इंस्पेक्टर और कांस्टेबल शामिल हुए थे। ये सेशन सात घंटे चला जिसमें साइकोलॉजिस्ट भी मौजूद थे।
जल्द ही सीनियर लेवल के अफसरों के साथ भी ये सेशन किया जाएगा जिसमें डीएसपी और एसपी रैंक के अफसर शामिल होंगे।