उत्तर प्रदेश में बिजली चोरी के खिलाफ 1 से 30 अप्रैल तक चलाए गए विशेष अभियान में एंटी पावर थेफ्ट थानों में लगभग साढ़े नौ हजार एफआईआर दर्ज कराई गई। पावर कार्पोरेशन के डीजी एसएन साबत ने बताया कि अभियान के दौरान 88 प्रवर्तन दलों ने 19,058 परिसरों की चेकिंग की। 9484 उपभोक्ताओं को बिजली चोरी करते पकड़ा गया और संबंधित एंटी पावर थेफ्ट थानों में एफआईआर कराई गई। वहीं कई लोगों ने मौके पर ही जुर्माना जमा कर दिया।
साबत ने बताया कि पकड़े गए 539 उपभोक्ता पांच किलोवाट से अधिक की बिजली चोरी कर रहे थे। वहीं, 1804 उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन में अनियमितता पाई गई। इसकी रिपोर्ट संबंधित विद्युत वितरण खंड को भेज दी गई।
उन्होंने बताया कि बिजली की सबसे बड़ी चोरी बुलंदशहर में पकड़ी गई। वहां डिबई में चोरी की बिजली से आईस फैक्ट्री चलती पाई गई। 100 केवी के ट्रांसफार्मर से तार जोड़कर 33 किलोवाट की बिजली चोरी पाई गई। इसी तरह नोएडा में अलग-अलग स्थानों पर घरेलू कनेक्शन से कामर्शियल कनेक्शन संचालित होना पाया गया। जहां स्वीकृत भार से अधिक की बिजली की खपत भी पाई गई।