लखनऊ। डफरिन महिला अस्पताल में मंगलवार को अस्थायी परिवार नियोजन के लिए प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ज्योति मल्होत्रा ने लाभार्थी महिला को इंजेक्शन लगाकर ''अंतरा-सबक्यूटेनियस'' सेवा का शुभारंभ किया। इस नई तकनीक को परिवार नियोजन के बास्केट ऑफ चॉइस में शामिल किया गया है।
डॉ. ज्योति मल्होत्रा ने बताया कि पूर्व में दिया जाने वाला अंतरा (इंट्रामस्कुलर) इंजेक्शन मांसपेशियों में लगाया जाता है, जो आगे भी उपलब्ध रहेगा। हालांकि, नया ''अंतरा-एससी'' अपेक्षाकृत कम दर्द देता है और इसकी डोज भी कम (0.6 मिली) है, जबकि पुराने इंजेक्शन की मात्रा 1 मिली होती है। नई तकनीक का अवशोषण भी शरीर में बेहतर तरीके से होता है। यह सेवा मुख्य रूप से नए लाभार्थियों के लिए उपलब्ध रहेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि कोई महिला पुनः गर्भधारण करना चाहती है, तो इंजेक्शन बंद करने के 7 से 10 महीने के भीतर यह संभव है। इस अवसर पर डॉ. रंजना प्रसाद, डॉ. सलमान खान और परामर्शदाता सरिता शुक्ला सहित अन्य स्टाफ मौजूद रहा।