ताजा सुनवाई में तकनीकी विशेषज्ञ धर्मेंद्र शाही ने कोर्ट में उत्तर पुस्तिका की गहन जांच कर बताया कि याची की मूल पुस्तिका के पहले पन्ने पर दी गई बार कोडिंग और अंदर के पन्नों पर अंकित बारकोडिंग अलग-अलग हैं।
हम हतप्रभ : हाइकोर्ट
‘यह बेहद हतप्रभ करने वाला मामला है। एक अभ्यर्थी परीक्षा में इस उम्मीद में शामिल हुआ कि वह पास हो जाएगा। उसने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन अंक देने की बारी आई तो उसकी उत्तर पुस्तिका ही बदल दी गई।’
- जस्टिस इरशाद अली
जो दोषी, उसे सजा दिलाएंगे : महाधिवक्ता
कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद महाधिवक्ता ने आश्वासन दिया कि वे सरकार के समक्ष इस मामले को रखेंगे और जिस भी व्यक्ति की वजह से कॉपी बदली गई है, उसे कानून के अनुसार सजा दिलवाई जाएगी।
हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर को रखते हुए निर्देश दिए हैं कि याची को 1 से 3 सितंबर के बीच होने जा रही काउंसलिंग में अस्थायी रूप से शामिल होने दिया जाए। याची की मूल उत्तर पुस्तिका की एक कॉपी महाधिवक्ता को दी जाए ताकि वे इसकी विस्तृत जांच करवाएं। इस जांच के संबंध में कोर्ट को अगली तारीख पर जानकारी दें।