लखनऊ। राजधानी में क्ले स्क्वॉयर समेत अन्य बिल्डिगों के अवैध निर्माण के मामले में हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने पूर्व में दिए आदेश के तहत एलडीए को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति राजीव भारती की खंडपीठ ने यह आदेश स्वत: संज्ञान से दर्ज जनहित याचिकाओं पर दिया है।
बीते मंगलवार को सुनवाई के समय यूपी आवास विकास परिषद के वकील ने कहा कि परिषद से कोई सरोकर नहीं है। यह मामला एलडीए से संबंधित है। ऐसे में वह संक्षिप्त जवाबी हलफनामा दाखिल करेंगें, जिस पर याचीगण पक्ष पेश कर सकेंगे। दो याचियों की ओर से पेश हुए अधिवक्ता ने कहा कि कई याचिकाओं में यूपी आवास विकास परिषद भी पक्षकार है। ऐसे में परिषद का मामले में सरोकर न होने की बात कहना गलत है। इस पर कोर्ट ने एलडीए के अधिवक्ता को गौर करके अगर जरूरी हो तो जवाब दाखिल करने का आदेश दिया। अगली सुनवाई 15 दिसंबर को होगी। कोर्ट ने 12 फरवरी को शहर में अवैध बिल्डिगों के निर्माण के मुद्दे का स्वत: संज्ञान लिया था।