राष्ट्रीय ओलमा काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अमीर रशादी मदनी ने मुजफ्फरनगर दंगा पीड़ितों के कैंप को लेकर सपा सरकार को निशाने पर लिया है।
मदनी ने कैंप पर बुलडोजर चलवाने का आरोप लगाते हुए सरकार द्वारा शपथ पत्र लेकर पांच लाख रुपये की राहत को नाटक बताया है।
शनिवार को लखनऊ में मौलाना रशादी ने कहा कि सरकार सहायता के नाम पर राहत शिविर में रह रहे मुजफ्फर नगर के दंगा पीड़ितों को उनके घरों से बेदखल कर रही है।
कभी नहीं जा सकते घर
उन्होंने बताया कि सहायता के नाम पर पांच लाख के लिए जो शपथ पत्र लिया जा रहा है, उस पर लिखा है कि सहायता राशि पाने वाले लोग अपने घरों को कभी वापस नहीं जा सकते हैं। अगर वे वापस जाते हैं तो उनकी सहायता राशि उनसे वसूल ली जाएगी।
मौलाना ने कहा कि हद यह है कि जो लोग कैंपों में रह रहे हैं उन्हें यहां से चले जाने के लिए प्रशासनिक दबाव बनाते हुए कैंपों पर बुलडोजर चलवाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सपा सरकार इन सभी आदेशों को तत्काल वापस लेते हुए कैंपों में रह रहे दंगा पीड़ितों को उनके घरों पर सुरक्षित भिजवाने व पुनर्वास की व्यवस्था करे।
उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं हुआ तो ओलमा काउंसिल जल्द ही पूरे प्रदेश में जन आंदोलन शुरू करेगी। साथ ही दिल्ली के जंतर मंतर पर अनशन जारी करेगी।