एसीपी गाजीपुर ए विक्रम सिंह के मुताबिक, सत्यम यहां अर्जुनगंज में ओमेक्स अपार्टमेंट में रहता था। वह लंबे समय से राजधानी में रह रहा था, जिसे यहां के बारे में काफी जानकारी थी। वह गिरोह में शामिल साथियों को खाली मकान के बारे में जानकारी देता था। आरोपी की कई विभागों के अधिकारियों से जान-पहचान थी। पुलिस ने इससे पहले सरगना चंदौली के सय्यद राजा मड़ई निवासी बलवंत यादव और दाउदपुर निवासी मनोज यादव को गिरफ्तार किय था।
इस मामले में चंदौली के ही शिव जियावन, सोनू, राजीव और एक अज्ञात की तलाश की जा रही है। उल्लेखनीय है कि मेजर की दिव्यांग बेटी ने मुख्यमंत्री से मिलकर मामले की शिकायत की थी। इसके बाद पुलिस हरकत में आई थी।
यह है मामला
अंजना भट्ट के पिता बिपिन चंद्र भट्ट सेना में मेजर थे। इंदिरानगर में ए-418 उनका मकान है। करीब 30 साल पहले बिपिन का निधन हो गया था। उनके एक बेटे व एक बेटी की भी मृत्यु हो चुकी है। सिर्फ अंजना ही परिवार में बची हैं। वह गंभीर बीमारी से ग्रसित हैं। पिछले आठ वर्षों से वह निर्वाण रिहैब सेंटर में रहती हैं। वहीं उनका इलाज चल रहा है। बुधवार को सीएम से मिलकर उन्होंने मकान पर कब्जा करने की शिकायत की थी। 24 घंटे के भीतर अंजना को मकान पर कब्जा दिलाया गया था।