नवगठित शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन अली जैदी ने बोर्ड की आमदनी के लिए मुतवल्लियों पर सख्ती शुरू की और वक्फ निरीक्षकों और आडिटरों को संपत्तियों की आय का निरीक्षण करवाया। इसका असर ये हुआ कि बीते छह महीनों में ही बोर्ड की आमदनी दोगुनी बढ़कर 64 लाख रुपये के ऊपर पहुंच गई।
प्रदेश भर में वक्फ संपत्तियों के मुतवल्लियों पर सख्ती के चलते शिया वक्फ बोर्ड अपनी वार्षिक आय को मात्र छह माह में दोगुनी से ज्यादा कर ली है। बोर्ड ने 64 लाख रुपये से ज्यादा की आमदनी की है। इससे वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा व निगरानी के साथ ही बोर्ड कर्मचारियों का बकाया वेतन का भुगतान करने में भी आसानी होगी।
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शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड में प्रदेश भर में करीब 8 हजार संपत्तियां दर्ज हैं। वक्फ संपत्तियों की आय से मुतवल्लियों को बोर्ड में 7 फीसदी मुतालबा और डेवलपमेंट चार्ज आदि जमा करना होता है। तमाम मुतवल्ली अपनी आय को छिपा कर बोर्ड में मर्जी के मुताबिक काफी कम मुतालबा जमा करते हैं। ऐसे में बोर्ड की बीते कई सालों से सालाना आय मात्र 32 लाख रुपये ही हो रही थी। ऐसे में बोर्ड के कर्मचारियों का वेतन करीब 37 महीने का बकाया हो चुका है।
नवगठित शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन अली जैदी ने बोर्ड की आमदनी के लिए मुतवल्लियों पर सख्ती शुरू की और वक्फ निरीक्षकों और आडिटरों को संपत्तियों की आय का निरीक्षण करवाया। इसका असर ये हुआ कि बीते छह महीनों में ही बोर्ड की आमदनी दोगुनी बढ़कर 64 लाख रुपये के ऊपर पहुंच गई।
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जैदी का कहना है कि उनका लक्ष्य बोर्ड की आमदनी को सालाना दो करोड़ रुपये तक पहुंचाना है ताकि वक्फ संपत्तियों की बेहतर निगरानी के लिए स्टाफ व संसाधन आसानी से जुटाए जा सकें। उन्होंने बताया कि अभी बरेली, अमरोहा, मुजफ्फरनगर, मेरठ, अंबेडकरनगर, बाराबंकी आदि जिलों में निरीक्षण कार्य किया गया है।