श्री राधा रमण बिहारी मंदिर (इस्कॉन) में अन्नदा एकादशी का पर्व सोमवार को धूमधाम से मनाया गया।
लखनऊ। श्री राधा रमण बिहारी मंदिर (इस्कॉन) में अन्नदा एकादशी का पर्व सोमवार को धूमधाम से मनाया गया। इस दिन गोपाल कृष्ण गोस्वामी जी महाराज की 81वीं व्यास पूजा (आविर्भाव दिवस) भी हुई, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त मौजूद रहे। व्यास पूजा के अवसर पर इस्कॉन गर्ल्स फोरम की ओर से एक नाटक की प्रस्तुति दी गई। इस दौरान भक्तों ने पुष्पांजलि अर्पित करते हुए गुरु का गुणगान किया।
मंदिर के अध्यक्ष अपरिमेय श्याम प्रभु ने कहा कि गोपाल कृष्ण गोस्वामी महाराज का जन्म 14 अगस्त 1944 को अन्नदा एकादशी पर एक संभ्रांत परिवार में हुआ था। उनकी उच्च शिक्षा यूरोप में हुई। 1960 के दशक में एमबीए करने के बाद पेप्सीको, एशिया के सीईओ के पद पर वे अपनी सेवाएं दे रहे थे। उनका रुझान कृष्ण भक्ति की ओर हुआ और वह मांट्रियल के मंदिर अध्यक्ष से कुछ सेवा मांगने गए तो उन्हें श्रील प्रभुपाद जी का कमरा साफ करने की सेवा दी गई। उनकी सेवा से श्रील प्रभुपाद जी बहुत प्रसन्न हुए और उन्हें मिलने के लिए बुलाया। श्रील प्रभुपाद से उनकी पहली भेंट 13 मई 1968 को हुई l
श्रील प्रभुपाद जी के सानिध्य में 27 मई 1969 को गुरु महाराज की हरिनाम दीक्षा हुई जिसमें उन्हें गोपाल कृष्ण दास नाम दिया गया। श्रील प्रभुपाद जी ने उन्हें 1975 में भारत भेजा और 1976 में रूस में प्रचार के लिए भेजा गया। 1981 में उन्होंने संन्यास ग्रहण किया और 1982 में जनरल बॉडी काउंसिल की ओर से उन्हें दीक्षा गुरु के रूप में नियुक्त किया गया। 5 मई 2024 को वे संसार से विदा हो गए।
व्यास पूजा के अवसर पर भक्तों ने दोपहर 12 बजे तक उपवास रखा और फिर केक काटा। इस दौरान अन्नदा एकादशी का प्रसाद भक्तों में बांटा गया। इस अवसर पर मंदिर के उपाध्यक्ष भोक्ता राम प्रभुजी, मधुस्मिता, दीनदयाल, अचिंत्यरूपिणी समेत अन्य भक्तों ने गोपाल कृष्ण गोस्वामी महाराज के साथ अपने संस्मरणों व उनके विचारों को साझा कर गुणगान किया।
श्री राधा रमण बिहारी मंदिर (इस्कॉन) में अन्नदा एकादशी का पर्व सोमवार को धूमधाम से मनाया गया।
श्री राधा रमण बिहारी मंदिर (इस्कॉन) में अन्नदा एकादशी का पर्व सोमवार को धूमधाम से मनाया गया।