लखनऊ। दुबग्गा के बरावनकला में अवैध डेयरियों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई के बाद चल रहा विवाद बृहस्पतिवार को निपट गया। पर्वतीय महापरिषद के 50 हजार रुपये जुर्माना भरने के बाद कांजी हाउस में बंद गायें, भैंसें छोड़ दी गईं।
पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अभिनव वर्मा ने बताया कि 12 सितंबर को बरावनकला में कार्रवाई के दौरान चार भैंसों, दो पड़वों और दो गायों को कब्जे में लेकर कांजी हाउस भेजा गया था। पशुपालकों ने इसका विरोध किया था। किसान यूनियन नेताओं ने जुर्माने की रकम माफ करने की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया था।
किसान यूनियन नेताओं के अनुरोध पर महापौर सुषमा खर्कवाल ने हस्तक्षेप किया। उनसे वार्ता के बाद पर्वतीय महापरिषद के अध्यक्ष गणेश चंद्र जोशी ने जुर्माने के 50 हजार रुपये नगर निगम में जमा कर दिए। इस पर पशुपालकों ने पशुओं को छुड़ा लिया। इसके साथ ही धरना समाप्त हो गया। पशुकल्याण अधिकारी ने बताया कि एक लाख रुपये के जुर्माने को किसानों की मांग पर 50 हजार कर दिया था, फिर भी वे इसे जमा नहीं कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आगे भी अवैध डेयरियों पर कार्रवाई होगी।