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लखनऊ विश्वविद्यालय की ऑनलाइन कक्षाओं के व्हाट्सएप ग्रुप में अश्लील मेसेज व वीडियो

Mon, 19 Jul 2021 04:04 PM IST
लखनऊ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

छात्रों की मानें तो इससे पहले हिंदी विषय की ऑनलाइन कक्षाओं में भी ऐसी घटनाएं हुईं। तब भी शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई। व्हाट्सएप ग्रुप में छात्रों के सत्यापन की कोई प्रक्रिया नहीं है। लिंक के माध्यम से कोई भी जुड़ सकता है। छात्रों ने ही दूसरे बाहरी तत्वों को लिंक शेयर किया होगा।
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लखनऊ विश्वविद्यालय। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लखनऊ विश्वविद्यालय की ऑनलाइन कक्षाओं के व्हाटसएप ग्रुप में फर्जी तरीके से जुड़े अराजक तत्व शिक्षकों और छात्राओं पर अभद्र टिप्पणियां करते हैं। अश्लील मैसेज और वीडियो से परेशान छात्राओं ने इसकी शिकायत शिक्षकों व कुलपति को ई-मेल पर की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। तंग आकर छात्रों ने रविवार को सोशल मीडिया के माध्यम से शिकायत को सार्वजनिक कर दिया।

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छात्रों ने कुलपति, छात्र कल्याण अधिष्ठाता और पुलिस को ट्वीटर के माध्यम से शिकायत की तो हड़कंप मच गया। आनन-फानन चीफ प्रॉक्टर ने हसनगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए शिकायत दी। ताजा मामला लविवि के प्राचीन इतिहास विभाग का है। छात्रों की शिकायत के अनुसार, ऑनलाइन कक्षाओं के लिए छात्रों के व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं। हर विषय का अलग ग्रुप है जिनमें संबंधित विषय के छात्र जुड़े हुए हैं।

छात्रों का आरोप है कि इन्हीं ग्रुप में कुछ अराजक तत्व फर्जी नाम से जुड़ गए हैं। वे अभद्र भाषा और अश्लील सामग्री का इस्तेमाल कर रहे हैं। छात्राओं और शिक्षकों के नाम पर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं और अश्लील मेसेज भेजते हैं।
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शिकायत की है कि असहज पिक्चर व वीडियो तक भेजते हैँ। छात्रों ने बताया कि ग्रुप में संबंधित शिक्षक एडमिन होते हैं, उन्हें पूरी बात की जानकारी है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। छात्रों के अनुसार, कुलपति कार्यालय को ई-मेल के माध्यम से शिकायत की गई, लेकिन कोई हल नहीं निकला।

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काफी समय से हो रही हैं घटनाएं

छात्रों की मानें तो इससे पहले हिंदी विषय की ऑनलाइन कक्षाओं में भी ऐसी घटनाएं हुईं। तब भी शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई। व्हाट्सएप ग्रुप में छात्रों के सत्यापन की कोई प्रक्रिया नहीं है। लिंक के माध्यम से कोई भी जुड़ सकता है। छात्रों ने ही दूसरे बाहरी तत्वों को लिंक शेयर किया होगा।

आखिर कैसे जुड़ गए बाहरी तत्व
मामले में लविवि के प्रवक्ता डॉ. दुर्गेश श्रीवास्तव ने कहा कि व्हाट्सएप ग्रुप में शिक्षक के साथ छात्र भी एडमिन होते हैं। बाहरी तत्व कैसे जुड़ गए जांच का विषय है। उन्होंने बताया कि संबंधित विभाग के शिक्षक की तरफ से जानकारी मिली तो विभागाध्यक्ष को अवगत करा दिया गया। लविवि के चीफ प्रॉक्टर प्रो. दिनेश कुमार ने कहा कि मामला संज्ञान में आने के बाद हसनगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई है।

कार्रवाई कर रिपोर्ट भेजें
लखनऊ विश्वविद्यालय के वीसी प्रो. आलोक कुमार राय का कहना है कि चीफ प्रॉक्टर को निर्देश दिए हैं कि इस मामले पर जल्द लीगल कार्रवाई करें और रिपोर्ट भेजें। पिछले साल ऐसी घटना हिंदी की कक्षा में हुई थी तब विवि ने ऑनलाइन कक्षा की एक सुदृढ़ व्यवस्था स्लेट शुरू की थी। सभी शिक्षकों को निर्देश दिया है कि वे स्लेट का इस्तेमाल करेंगे तो ऐसी घटनाएं नहीं होंगी।
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