लखनऊ। आज कम उम्र में ही हार्ट अटैक के मामले आ रहे हैं। तनाव, खराब जीवनशैली, धूम्रपान और मोटापा इसके बड़े कारण हैं। समय पर लक्षण पहचान कर इलाज शुरू हो जाए तो 80 फीसदी हार्ट अटैक टाले जा सकते हैं। यह जानकारी डॉ. नकुल सिन्हा ने दी। रविवार को हेल्पिंग हार्ट्स फाउंडेशन की ओर से हृदय रोगों की नई चुनौतियों पर कार्यशाला हुई। इसमें हृदय रोगों की नई परिभाषा और आयामों पर चर्चा हुई।
मेरठ के डॉ. राजीव अग्रवाल ने लिपिड प्रबंधन पर व्याख्यान दिया। अन्य विशेषज्ञों ने हाइपरकेलेमिया, टीकाकरण, मोटापे और वजन प्रबंधन जैसे विषयों पर चर्चा की। सत्र के दौरान कई डॉक्टरों ने अपने मरीजों के केस प्रस्तुत किए। केरल के डॉ. पीबी जयगोपाल और दिल्ली के डॉ. अनिल ढल ने हृदय रोगों से जुड़ी सच्चाई और आम लोगों में फैली गलत अवधारणाओं पर प्रकाश डाला। साथ ही इलाज की नई संभावनाओं पर भी चर्चा की।