करीब 29 साल पहले बस से टकराकर भैंसे की मौत हो गई थी। इसका मामला बरेली के फरीदपुर थाने में दर्ज हुआ था। चालक वृद्ध ही नहीं बल्कि लकवा ग्रस्त हो चुका है लेकिन एक दिन पहले बरेली के न्यायालय से उसके पास वारंट आया तो वह रो पड़ा। पुलिस उसे हिदायत देकर गई है।
बाराबंकी शहर के निवासी अच्छन मियां परिवहन विभाग में चालक पद पर तैनात थे। इस समय उनकी उम्र 83 साल हैं। एक दिन पहले इनके घर बरेली जिले के फरीदपुर थाने के सब इंस्पेक्टर पहुंचे। सब इंस्पेक्टर ने अच्छन मियां को गिरफ्तारी का वारंट दिखाया और बताया कि 29 साल पहले हुई दुर्घटना का मामला है जिसमें न्यायालय ने वारंट जारी किया है। वारंट देखने के बाद अच्छन मियां दंग रह गए। वह रो पड़े।
उन्होंने सब इंस्पेक्टर से बताया कि वर्ष 1994 में वह कैसरबाग डिपो की बस लेकर लखनऊ से बरेली और फरीदपुर जा रहे थे। रास्ते में अचानक उनकी बस से एक भैंसे की टक्कर हो गई। जब तक वह ब्रेक लगाते तब तक हादसा हो चुका था। भैंसे की उस हादसे में मौत हो गई। फरीदपुर थाने में दुर्घटना का मुकदमा लिखा गया था। बस छोड़ दी गई थी।
अब वह बाराबंकी डिपो से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इस समय वह लकवाग्रस्त हैं और बीमार रहते हैं। चलने में भी दिक्कत होती है। उनकी हालत देखकर पुलिस वाले भी कुछ नहीं कह पाए लेकिन हिदायत दी कि कोर्ट में जरूर हाजिरी लगा दें नहीं तो गिरफ्तारी हो सकती है। पुलिस वाले तो चले गए मगर अच्छन इस वाक्ये से आहत है।