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आईएसएस अफसर के ऑफिस में घुसकर गुंडई, किया जानलेवा हमला

Thu, 14 Jul 2016 02:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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डॉ. हरिओम - फोटो : amar ujala
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तबादला रुकवाने इंदिरा भवन में चकबंदी आयुक्त आफिस पहुंचे एक चकबंदी अधिकारी ने आयुक्त डॉ. हरिओम पर बुधवार को जानलेवा हमला किया। उसने गाली-गलौज करते हुए आयुक्त का गला दबाया। उसके बेटे ने शीशे का ग्लास तोड़कर उन पर वार किए।
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चपरासियों ने हरिओम को किसी तरह हमलावरों के चंगुल से छुड़ाया। तब चकबंदी अधिकारी व उसके साथी असलहे लहराते हुए जान से मारने की धमकी देते हुए भाग निकले। आयुक्त पर कातिलाना हमले से दफ्तर में हड़कंप मच गया। एक चपरासी ने रिपोर्ट दर्ज कराई है।

डीजीपी जावीद अहमद ने हमलावरों पर सख्त कार्रवाई का आदेश दिए। एसएसपी मंजिल सैनी ने हजरतगंज पुलिस व सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम गठित करके हमलावरों की तलाश कराई। इस बीच आरोपी चकबंदी अधिकारी महानगर के एक निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती हो गया।
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चकबंदी आयुक्त डॉ. हरिओम ने बताया कि अमेठी के चकबंदी अधिकारी राकेश पांडेय बुधवार दोपहर अपने बेटे दिनेश पांडेय व कुछ साथियों को लेकर इंदिरा भवन के सातवें तल पर स्थित उनके दफ्तर पहुंचा।

अचानक झपटा और मारने के लिए इरादे से गला दबाने लगा

खुद जाकर अस्पताल में भर्ती हो गया आरोपी - फोटो : amar ujala
चपरासी चंदन सिंह से मुलाकात के लिए पर्ची भेजी जिस पर राकेश व दिनेश का नाम था। करीब सवा तीन बजे दोनों कक्ष में पहुंचे। राकेश ने आयुक्त से कहा कि किसी भी दशा में बलिया न जाने का एलान करके आया हूं। आयुक्त ने साफ मना किया तो राकेश उन पर झपटा और जान से मारने के इरादे से गला दबाने लगा।

उसके बेटे ने मेज पर रखी फाइलें फेंक दी और ग्लास तोड़कर वार करने शुरू कर दिए। इसी दौरान उनके साथी भी आ गए और तोड़फोड़ शुरू कर दी। शोर चुनकर चंदन सिंह, चतुर्थश्रेणी कर्मचारी राजकुमार व रामकिशुन ने उन्हें हमलावरों के चंगुल से छुड़ाया।

दफ्तर के कर्मचारी जुटने लगे तो सभी असलहे लहराते हुए सीढ़ियों के रास्ते भाग निकले। डॉ. हरिओम ने शासन व पुलिस के आला अफसरों को हमले की जानकारी दी। चपरासी राजकुमार ने हजरतगंज कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई।

हमले की तैयारी से आए थे पिता-पुत्र: डॉ. हरिओम

- फोटो : amar ujala
चकबंदी आयुक्त डॉ. हरिओम ने बताया कि पिछले दिनों हुए तबादलों में अमेठी के चकबंदी अधिकारी राकेश पांडेय को बलिया स्थानांतरित किया गया था। वह तबादला निरस्त करवाने की कोशिश में था।

बुधवार को इसी सिलसिले में वह दफ्तर आया था। ट्रांसफर निरस्त करने से इन्कार करने पर भड़क गया है दफ्तर में ही हमला कर दिया।

डॉ. हरिओम ने कहा कि चकबंदी अधिकारी राकेश हमले की पूरी तैयारी से आया था, इसलिए अपने बेटे व साथियों के साथ आया था। कमरे में आते ही भड़कने लगा। फिर तोड़फोड़ शुरू कर दिया और साथियों को बुलाकर तांडव किया।

पत्नी का आरोप- पति को प्रताड़ित करते थे आयुक्त
मिडलैंड अस्पताल की आईसीयू में भर्ती राकेश पांडेय की पत्नी ममता ने चकबंदी आयुक्त पर प्रताड़ना का आरोप लगाया। अमेठी से तीमारदारी करने आई ममता ने कहा ह्रदयरोगी पति ने तबादला रोकने की कई अर्जी दी थी। इससे चिढ़े आयुक्त ने बुधवार को उन्हें अपने ऑफिस में तलब किया था। अस्वस्‍थ होने पर वे बेटे को साथ लेकर गए थे। वहां आयुक्त ने बेटे के सामने बुरी तरह फटकार लगाई। इससे राकेश की हालत बिगड़ गई और बेटे ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया।
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हमला कर अस्पताल पहुंचा, आईसीयू में भर्ती, बेटे गिरफ्तार

अस्पताल में भर्ती आरोपी - फोटो : amar ujala
चकबंदी आयुक्त पर जानलेवा हमला करके फरार राकेश पांडेय अपने बेटे मोहित व हर्षित के साथ महानगर के मिड लैंड हॉस्पिटल पहुंचा। दिल का दौरा पड़ने की बात कहकर आईसीयू में भर्ती हो गया।

भनक लगने पर इंस्पेक्टर हजरतगंज विजयमल यादव अस्पताल पहुंचे और दोनों बेटों को हिरासत में लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि मोहित ने खुद को दिनेश पांडेय बताकर पर्ची भेजी थी।

राकेश पर निगरानी के लिए पुलिस की ड्यूटी लगाई है। अस्पताल प्रबंधक ओपी सिंह ने बताया कि राकेश को शाम चार बजे भर्ती किया गया और डॉ. राजीव रंजन इलाज कर रहे हैं।
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