ग्रामीणों ने तत्काल कतर्नियाघाट रेंज कार्यालय को सूचना दी। वन क्षेत्राधिकारी पीयूष मोहन श्रीवास्तव ने वन दरोगा अनिल कुमार, वन रक्षक अजय सिंह व टीम के अन्य सदस्यों के साथ मौके पर पहुंचकर हाथियों के हमले में उमेश के मौत की पुष्टि की।
सूचना पाकर तिकुनिया कोतवाली की पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंच गई। रेंजर की मौजूदगी में शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। हाथियों के हमले में छात्र की मौत से आसपास के लोग दहशत में आ गए हैं।
डीएफओ जीपी सिंह ने बताया कि कौड़ियाला बीट का जंगल नदी के तट पर स्थित है। नेपाल की कौड़ियाला नदी जंगल से होकर गुजरती है। इस घने जंगल में नेपाल के रायल बर्दिया नेशनल पार्क से आने वाले हाथियों का झुंड विहार करता है। ऐसे में ग्रामीणों के पहुंचने पर हाथी हमलावर हो जाते हैं। हाथियों का परिक्षेत्र होने के चलते ग्रामीणों को जंगल से दूर रहना चाहिए।
पहले भी हाथी कर चुके हैं हमला
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के कतर्नियाघाट रेंज के गेरुआ नदी के तट पर भरथापुर गांव निवासी एक ग्रामीण पर साल भर पूर्व हाथियों ने हमला कर उसे भी मार डाला था। ग्रामीण का शव दूसरे दिन घने जंगल के बीच से बरामद हुआ था।