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Lucknow News: तेज रफ्तार में बुलेट दौड़ा रहा था 11वीं का छात्र, खड़ी बस से टकराकर मौत

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लखनऊ। तेज रफ्तार ने शुक्रवार को 11वीं के छात्र की जान ले ली। आशियाना के सेक्टर-एच में शुक्रवार सुबह स्टेला मैरी स्कूल के बाहर अनियंत्रित बुलेट खड़ी बस से टकरा गई। हादसे में बुलेट चला रहे छात्र वैभव (17) की मौत हो गई, जबकि उसका साथी घायल हो गया।
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आलमबाग के मधुवन नगर निवासी अधिवक्ता संतोष कुमार झा का बेटा वैभव सुबह 7:30 बजे सहपाठी शाश्वत के साथ बुलेट से स्कूल के बाहर चक्कर लगा रहा था। अन्य बच्चों को पिकनिक ले जाने के लिए आई बस स्कूल के बाहर खड़ी थी। इसी दौरान वैभव तेज रफ्तार में वहां पहुंचा। उसकी अनियंत्रित बुलेट बस में जा टकराई।

हेलमेट न लगाने से उसका सिर बस से टकरा गया। चोट लगने से लहूलुहान वैभव बेसुध हो गया। हादसे में शाश्वत भी घायल हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को लोकबंधु अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने वैभव को मृत घोषित कर दिया।
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हाईस्कूल टॉपर था वैभव

संतोष और उनकी पत्नी कनकलता बेटे वैभव को आईपीएस बनाना चाहते थे। उसने हाईस्कूल में टॉप किया था। परिजनों ने बताया कि वैभव छोटी बहन अनन्या को स्कूल छोड़ने निकला था। बहन को स्कूल छोड़कर वह शाश्वत के साथ बाइक से घूम रहा था। इसी दौरान हादसा हो गया।



इकलौते बेटे की मौत से टूटा दुखों का पहाड़

वैभव घर का इकलौता बेटा था। अस्पताल में उसका शव देखकर कनकलता बेसुध हो गईं। बहन अनन्या का रो-रोकर बुरा हाल था। संतोष ने पुलिस से किसी प्रकार की कार्रवाई से इन्कार करते हुए पोस्टमार्टम कराने से भी मना कर दिया। इस पर पुलिस पंचनामा भरकर शव परिजनों को सौंप दिया।



कुछ दिन पहले ही पिता ने खरीदी थी बुलेट

परिजनों के अनुसार संतोष ने कुछ समय पहले ही बुलेट खरीदी थी। वैभव इसे लेकर कभी-कभी निकल जाता था। घटनास्थल पर मौजूद लोगों के मुताबिक रफ्तार बहुत ज्यादा होने से वैभव बुलेट को नियंत्रित नहीं कर सका। इंस्पेक्टर छत्रपाल सिंह ने बताया कि परिजन कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते थे। कोई शिकायत भी नहीं मिली है।



अभिभावक दें ध्यान, बिना हेलमेट बच्चों को न दें बाइक

हादसे ने एक परिवार का चिराग बुझा दिया। घटना से अन्य अभिभावकों को सबक लेने की दरकार है। अगर आप बच्चे को दोपहिया वाहन दे रहे हैं तो सुनिश्चित करें कि वह हेलमेट लगाकर ही निकले। नाबालिग बच्चों को वाहन न चलाने दें। स्कूलों के बाहर नाबालिग विद्यार्थी रोजाना दोपहिया वाहन चलाते दिखते हैं। पुलिस इनका चालान भी करती है, लेकिन ठोस कार्रवाई न होने से इन पर नकेल नहीं लग पा रही है।
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