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भाजपा-सपा का 'गंदा खेल', एएमयू में दंगे का डर!

Fri, 28 Nov 2014 09:18 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में में लड़कियों को लाइब्रेरी में एंट्री न देने का मामला खत्म भी नहीं हो पाया था कि यहां नया बवाल शुरू हो गया है। भाजपा 1 दिसंबर को जाटा राजा महेंद्र प्रताप के जन्मदिवस पर कार्यक्रम करने की योजना बना चुकी है, जबकि सपा इसका विरोध कर रही है। मामले को सांप्रदायिक रंग भी दिया जा रहा है।
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मामला इस हद तक तनावपूर्ण हो गया है कि वाइस चांसलर को मजबूरन मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी से मदद मांगनी पड़ी है।

एएमयू के वीसी रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल जमीरउद्दीन शाह ने स्मृति ईरानी को लिखे लंबे-चौड़े खत में नौ बिंदुओं का जिक्र किया है और चेताया है कि अगर भाजपा (बिना नाम लिए) का ये कार्यक्रम हुआ, तो कैंपस में छात्र भड़क सकते हैं और दंगे तक के हालात तक बन सकते हैं।

एएमयू के वीसी रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल जमीरउद्दीन शाह ने बिना भाजपा का नाम लिए लिखा है कि, एक संगठन का जश्न मनाने को लेकर अडिग रवैया और दूसरे संगठन (सपा) का विरोध महज सियासी खेल है और इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
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जानिए, शाह ने और क्या लिखा खत में

वीसी शाह ने खत में लिखा है, 'खुद को एक‌ विशेष राजनीतिक दल से बताने वाले लोग कैंपस में रैली करने पर अड़े हैं और उनके विरोध में रैली न होने देने की बात कह रहे दूसरे राजनीतिक दल के लोग इस पूरे मामले को सियासी रंग दे रहे हैं। अगर इसे अनुमति दी गई, तो इसके गंभीर नतीजे सामने आ सकते हैं।'

गौरतलब है कि इस बवाल की शुरुआत यूपी भाजपा के अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी के ऐलान के बाद हुई थी। उन्होंने पिछले दिनों कहा था कि वे एएमयू कैंपस में जाटा राजा की जयंती मनाएंगे। उन्होंने यह दावा भी किया था कि राजा ने यूनिवर्सिटी कैंपस के लिए जमीन भी दान दी थी।

वीसी शाह ने ईरानी को लिखे खत में यह बात मानी है कि राजा ने यूनिवर्सिटी के लिए तीन एकड़ जमीन दी थी। उन्होंने यह भी कहा कि इस योगदान के लिए उन्हें राजा पर गर्व है और राजा यूनिवर्सिटी के एल्यूमनी भी रहे। शाह ने लिखा, 'हालांकि, राजा के अलावा भी कई लोगों ने जमीन दान की थी।'

शाह ने ईरानी को बताया है कि किस तरह इस पूरे मामले में दोनों राजनीतिक दल बवाल करने पर आमादा हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि यूनिवर्सिटी के ज्यादातर छात्र-छात्राएं इस आयोजन से नाराज हैं। इतना ही नहीं, अन्य दानदाता भी अपने पूर्वजों के नाम एक दिन मनाने की मांग कर रहे हैं। ऐसे में तनाव काफी गहरा सकता है।
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'किसी कीमत पर नहीं होने देंगे आयोजन'

वीसी ने यहां तक लिख दिया है कि इन हालात में माननीय संसद सदस्यों को भी बयान देते वक्त ध्यान देना चाहिए कि वे क्या बोल रहे हैं और उसका क्या परिणाम हो सकता है। खत के आखिरी बिंदु में वीसी ने स्मृति ईरानी से जल्‍द से जल्द इस मामले में दखल देने की गुजारिश की है ताकि कानून व्यवस्‍था प्रभावित न हो।

एक तरफ वीसी ने स्मृति ईरानी को खत लिखकर मामले में दखल देने की गुजारिश की है तो दूसरी तरफ यूनिवर्सिटी के प्रवक्ता ने कहा है कि अब एएमयू में यह आयोजन किसी भी कीमत पर नहीं होगा।

ऐसा ही रुख पहले तिकोना पार्क में इस आयोजन पर सहमति जताने वाली स्टूडेंट यूनियन ने भी पलटी मार ली है। अब उनका भी कहना है कि वे बीजेपी या राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को कैंपस के अंदर एक दिसंबर को यह आयोजन नहीं करने देंगे।


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