वक्फ की जमीन पर बने अलीगढ़ पब्लिक स्कूल (एपीएस) का विवाद प्रदेश के शहरी विकास, अल्पसंख्यक मामले एवं वक्फ मंत्री आजम खान के पास पहुंच गया है। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के कुलपति जमीरउद्दीन शाह ने आजम खां को पत्र लिखकर कहा है कि एपीएस की कीमती जमीन हड़पने के लिए कई लोग नजरें गड़ाए हैं।
उसमें सत्ताधारी दल के एक नेता भी शामिल हैं। वीसी के इस पत्र से राजनीतिक खेमे में भी हलचल शुरू हो गई है। उल्लेखनीय है कि वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष जफर अहमद फारूकी 5 दिसंबर को वक्फ संपत्तियों के निरीक्षण के लिए अलीगढ़ आए थे और एपीएस स्थित वक्फ की जमीन का निरीक्षण किया था।
उनके साथ सपा नेता मुजाहिद किदवई भी मौजूद थे। इस दौरान सह कुलपति सैयद अहमद अली, वित्त अधिकारी जव्वाद अहमद खान, प्रॉपर्टी ऑफिसर आरिफ आदि ने बोर्ड चेयरमैन के समक्ष अपना पक्ष प्रस्तुत किया था। उस समय फारूकी ने कहा था कि वक्फ बोर्ड की अनुमति के बिना यह स्कूल कैसे स्थापित कर दिया गया।
इसके जवाब में अधिकारियों ने कहा था कि यह स्कूल बोर्ड की अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने के बाद ही स्थापित किया गया है। अब कुलपति ने आजम खां को पत्र लिखकर कहा है कि सपा नेता मुजाहिद किदवई अक्सर एपीएस के मामले में दखल देते हैं और स्कूल की ओएसडी प्रो. जकिया सिद्दीकी को धमकाते हैं।
यह है पूरा मामला
निशात कोठी श्रीमती फातिमा बेगम पत्नी मरहूम आमिर मुस्तफा खां ने सन 1926 में वक्फ बोर्ड के नाम की थी। इस वक्फ नामे के तहत अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का सन 1972 से उक्त वक्फ संपत्ति पर कब्जा है और साढ़े दस बीघा जमीन पर रेवेन्यू रिकॉर्ड में यूनिवर्सिटी का नाम दर्ज है साथ ही यूनिवर्सिटी के फाइनेंस आफिसर इसके मुतवल्ली हैं।
सन 1977 में एएमयू के तत्कालीन कुलपति प्रो. एएम खुसरो ने सर सैयद एजूकेशनल सोसायटी स्थापित कर इसी वक्फ संपत्ति पर अलीगढ़ पब्लिक स्कूल (एपीएस) स्थापित किया था।
इसी वक्फ संपत्ति की जांच के लिए 5 दिसंबर को वक्फ बोर्ड चेयरमैन एपीएस गए थे, उसके बाद से ही विवाद गहराने की आशंका बलवती हो गई थी।
सह कुलपति का कहना था कि खेल मैदान पर जो अनधिकृत कब्जे हैं, उन्हें मुक्त किया जाए और इस भूमि पर अवैध निर्माण को समाप्त किया जाए ताकि इस स्कूल के छात्र-छात्राओं को खेल के मैदान की सुविधा उपलब्ध हो सके। साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि उक्त वक्फ की एक भी इंच जमीन पर अनधिकृत कब्जे को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
सपा नेता ने झाड़ा पल्ला
मामले पर सपा नेता मुजाहिद किदवई का कहना है कि एएमयू कुलपति को दी गई जानकारी सही नहीं है, इसलिए मुझ पर बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं बेहतर होगा कि कुलपति एएमयू के वकील से पूरा मामला समझ कर कुछ करते।
मेरा तो गरीब बच्चों की शिक्षा से मतलब है कि नियमानुसार एपीएस स्कूल 25 फीसदी गरीब बच्चों को दाखिला दे। यह प्रकरण वक्फ बोर्ड और एएमयू इंतजामिया के बीच का है।