प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किए गए आम्रपाली ग्रुप के ऑडिटर अनिल मित्तल को रिमांड पर लेकर पूछताछ करना महंगा पड़ गया है। अनिल मित्तल के कोरोना संक्रमित निकलने के बाद पूछताछ करने वाले निदेशालय के अधिकारी क्वारंटीन हो गए हैं। निदेशालय कार्यालय को सैनिटाइज किया जा रहा है।
मनी लॉन्ड्रिंग के इस आरोपी को प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने सोमवार को गिरफ्तार किया था। निदेशालय ने आरोपी को पीएमएलए कोर्ट के सामने पेश कर उसकी दस दिन की रिमांड दिए जाने की दरख्वास्त दी थी। निदेशालय ने मित्तल से मनी लॉन्ड्रिंग करने के लिए तैयार के दस्तावेजों व अन्य जानकारियों को लेकर पूछताछ करने की जरूरत बताते हुए रिमांड पर दिए जाने का आग्रह किया था।
कोर्ट ने मंगलवार को आरोपी को सात दिन की रिमांड पर दिए जाने कि स्वीकृति दी थी। आरोपी का स्वास्थ्य खराब चल रहा था। उसकी चिकित्सीय जांच कराई गई। निदेशालय के अधिकारियों ने उससे पूछताछ शुरू कर दी थी पर तब तक पता चला कि आरोपी कोरोना वायरस से संक्रमित है।