निलंबित आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने अपने खिलाफ चल रही विभागीय जांच के बीच में प्रदेश सरकार द्वारा कई नए साक्ष्यों और गवाहों को शामिल किए जाने को गैरकानूनी बताया है।
कहा, अगर 15 दिन में यह आदेश निरस्त नहीं किया गया तो वे इसके खिलाफ कोर्ट जाएंगे।
इस संबंध में प्रमुख सचिव गृह को भेजे पत्र में ठाकुर ने कहा है कि राज्य सरकार ने भारत सरकार के जिस आदेश के सहारे साक्ष्य बढ़ाने का काम किया है, वह वास्तव में आरोपों को समाप्त करने के संबंध में है न कि जांच के बीच साक्ष्यों को बढ़ाने के संबंध में।