भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह
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लोकसभा के 39 क्षेत्रों की रणनीति तय करने के लिए हुई इस बैठक में शाह ने बृज, पश्चिम और कानपुर-बुंदेलखंड के क्षेत्रीय अध्यक्षों, क्षेत्रीय संगठन मंत्रियों और प्रभारियों का हौसला बढ़ाया।
मिर्जापुर की बैठक की बातें दोहराते हुए उन्होंने कहा कि सपा, बसपा, कांग्रेस और रालोद के मिलने के बाद भी कैराना में भाजपा को 46 प्रतिशत मत मिले हैं। इसलिए गठबंधन के मनोवैज्ञानिक दबाव में आने की जरूरत नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकारों के कल्याणकारी कामों का जनता में असर दिखाई दे रहा है। जरूरत इस असर को कायम रखने की है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, राष्ट्रीय महासचिव भूपेंद्र यादव की मौजूदगी में हुई बैठक में शाह ने कहा कि पार्टी के लोग इस बार पहली बार मतदाता बन रहे युवाओं से निरंतर संपर्क रखें। उन्हें भाजपा की रीतिनीति समझाएं और बताएं कि सपा, बसपा और कांग्रेस में किसी का किसी की विचारधारा से कोई लेना-देना नहीं है। बस मोदी और भाजपा की सरकार न बनने देने के लिए आपस में मिल रहे हैं। अवसरवादी लोगों का साथ न तो लंबा टिकता है और न स्थायी रहता है।
इसी के साथ शाह ने प्रत्येक बूथ के प्रभारी को मोदी और योगी सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों खासतौर से जिन्हें पिछले दिनों ग्राम चौपाल अभियानों के तहत लाभ दिलाया गया है, उनसे निरंतर संपर्क में रहने को कहा गया है।
उन्होंने कहा, बूथों पर दो तरह की टीमें बनाई जाएं। एक पहले से भाजपा के साथ चले आ रहे लोगों से निरंतर संवाद और संपर्क रखें। दूसरे उन लोगों पर फोकस करें जो उनकी नजर में अभी तक भाजपा के साथ नहीं रहे हैं। लोगों की समस्याओं के समाधान में भी सक्रिय भागीदारी ली जाए। पार्टी के लोग खुद को विकास कार्यों से जोड़ें ताकि लोगों को यह संदेश रहे कि उनके प्रयास से अमुक काम हो रहा है।
मौजूद भाजपा के कार्यकर्ता।
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भाजपा अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं को यह भी समझाया कि वे लोगों के बीच मोदी के चार साल बनाम दूसरी पार्टी की सरकारों के 60 साल के काम को मुद्दा बनाएं। साथ ही लोगों को विपक्ष से यह सवाल पूछने को कहें कि उनकी (विपक्ष) सरकारों में गरीब महिलाओं को रसोई गैस देने की चिंता क्यों नहीं की गई। गरीबों के घर और सेहत का ख्याल लोगों के दिमाग में क्यों नहीं आया।
शाह ने कुछ और काम बताकर भी उन्हें जनता के बीच रखकर विपक्ष को घेरने का सुझाव दिया। यह भी कहा कि सरकार और संगठन दोनों में काम कर रहे लोग अपनी बात और व्यवहार से लगातार यह संदेश देते रहें कि उन्हें लोगों की समस्याओं के समाधान की चिंता है।
बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय सह महामंत्री संगठन शिवप्रकाश, प्रदेश महामंत्री (संगठन) सुनील बंसल तथा केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा सहित प्रदेश सरकार में मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, सतीश महाना समेत कई पदाधिकारी शामिल रहें।