शाह ने बैठक से पहले मां विंध्यवासिनी धाम में पूजा-अर्चना कर मिशन-2019 में पार्टी की सफलता की कामना की। उन्होंने कहा भी कि मां विंध्यवासिनी का आशीर्वाद भाजपा की सफलता को आगे बढ़ाएगा। बैठक के बाद वह गठबंधन में शामिल अपना दल (एस) की नेता व केंद्र में मंत्री अनुप्रिया पटेल के घर भी गए। अनुप्रिया के घर वह लगभग आधा घंटा रुके।
इस मौके पर अनुप्रिया के पति और अपना दल (एस )के अध्यक्ष आशीष पटेल मौजूद रहे। इसके बाद वह वाराणसी रवाना हो गए। यहां उन्होंने रात में पार्टी की कोर टीम के साथ पूर्वी उत्तर प्रदेश के समीकरणों और पार्टी के सांसदों की स्थिति पर विचार-विमर्श किया।
मंत्रियों से बातचीत कर उनके जरिये प्रदेश का नब्ज टटोली और जरूरी निर्देश दिए। शाह के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय, उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव भूपेंद्र यादव भी थे।
अमित शाह के साथ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्रनाथ पांडेय व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : amar ujala
कोर टीम के साथ बैठक में उन्होंने प्रदेश के मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड भी जांचा। बताया जाता है कि शाह ने प्रदेश मंत्रिमंडल में फेरबदल या विस्तार को लेकर किसी को कोई संकेत नहीं दिए। पर, जिस तरह उन्होंने बारीकी से एक-एक बिंदु पर बातचीत की, उससे ताज्जुब नहीं कि निकट भविष्य में कुछ मंत्रियों की कद-काठी पर इसका असर दिखाई पड़े।
जानकारी के मुताबिक, कुछ मंत्रियों को लोकसभा चुनाव के समीकरणों के लिहाज से विशेष अभियान में लगाने का भी फैसला किया गया है। जल्द ही इसकी घोषणा कर दी जाएगी।
विंध्याचल में जिस तरह सूर्यप्रताप शाही, सिद्धार्थनाथ सिंह, बृजेश पाठक, डॉ. महेंद्र सिंह, दारा सिंह चौहान, नंदगोपाल नंदी, राजेश अग्रवाल और स्वामी प्रसाद मौर्य सहित अन्य कुछ मंत्री काफी सक्रिय दिखे उससे इस संभावना को और बल मिल रहा है।