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हिरासत में हत्या: जिन पर मुकदमा उन्हें ही सौंप दी मामले की जांच, बवाल हुआ तो केस ट्रांसफर किया

Wed, 30 Oct 2019 10:04 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमेठी
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मृतक सत्य प्रकाश शुक्ल व अस्पताल के बाहर मौजूद पुलिसकर्मी (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
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अमेठी में पुलिस हिरासत में हुई व्यवसायी सत्य प्रकाश शुक्ल (52) की हत्या की जांच आरोपी पीपरपुर पुलिस को सौंपे जाने पर बढ़े दबाव पर देर शाम अमेठी एसपी डॉ. ख्याति गर्ग बैकफुट पर आ गईं। एसपी ने देर शाम व्यवसायी की हत्या की जांच संग्रामपुर थाने को सौंप दी।

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मामले में मंगलवार को कोतवाली नगर सुल्तानपुर में एसओजी व पीपरपुर थाने के 15 पुलिस कर्मियों पर हत्या का केस दर्ज हुआ था। मृतक के परिवारीजनों ने पुलिस विभाग के अधिकारियों पर जांच संबंधी निर्णय पर अविश्वास जताया है।

भादर के यूको बैंक मैनेजर से पीपरपुर थाने के परसोइया गांव के पास दिनदहाड़े हुई 26 लाख की हुई लूट के मामले में मुखबिरी के आरोपी व्यवसायी की पुलिस हिरासत में हुई मौत की जांच का मामला गरमाने के बाद अमेठी एसपी बैकफुट पर आ गई हैं।
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पहले अमेठी एसपी ने उसी पीपरपुर थाने की पुलिस को व्यवसायी की हत्या की जांच सौंप दी थी, जिस पर व्यवसायी के साथ थर्ड डिग्री इस्तेमाल करने के बाद जहर खिला देने का आरोप है। आरोपी पीपरपुर पुलिस को जांच सौपें जाने पर सवाल खड़े होते ही देर शाम एसपी ने अपना फैसला बदल दिया। उन्होंने व्यवसायी सत्यप्रकाश शुक्ल की हत्या की जांच संग्रामपुर थाने को सौंप दी।

व्यवसायी के परिजनों ने जाहिर की कड़ी प्रतिक्रिया

- फोटो : amar ujala
मंगलवार को व्यवसायी की मौत के बाद सुल्तानपुर में परिवारीजनों की ओर से किए गए प्रदर्शन के बाद कोतवाली नगर सुल्तानपुर में पीपरपुर व एसओजी टीम के कुल 15 पुलिस कर्मियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज हुआ था।

पोस्टमॉर्टम होने के बाद मंगलवार देर शाम सुल्तानपुर पुलिस ने मामले की विवेचना अमेठी पुलिस को ट्रांसफर कर दी। विवेचना ट्रांसफर होने की जानकारी मिलने पर व्यवसायी के परिवारीजनों ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है।

अमेठी पुलिस पर नहीं भरोसा
मुकदमे के वादी व व्यवसायी के भाई ओम प्रकाश शुक्ल ने बताया कि उन्हें अमेठी पुलिस पर भरोसा नहीं है। ओम प्रकाश ने फोन पर बताया कि उन्होंने मंगलवार को ही मामले की विवेचना प्रतापगढ़ जिले की अंतू थाना पुलिस से कराने की मांग की थी। वे इसकी शिकायत हर स्तर पर करेंगे।

पुलिस हिरासत में किसने दिया जहर

- फोटो : amar ujala
लूट की मुखबिरी के आरोपी की पुलिस हिरासत में मौत ने एक बड़ा सवाल खड़ा किया है। लोग जहां मन में उठ रहे सवालों के जवाब चाहते हैं वहीं पुलिस के पास कोई जवाब नहीं नजर आ रहा है। पुलिस के अनुसार, पुलिस की पकड़ में आने से पहले ही उसने जहर खा लिया था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में व्यवसायी के आमाशय में जहर मिलने की पुष्टि हुई है।

जिले के पुलिस अधिकारी व्यवसायी की मौत के बाद से ही इसी बात का अंदेशा जता रहे थे। व्यवसायी की मौत के बाद मीडिया के लिए एसपी डॉ. ख्याति गर्ग की ओर से जारी एक वीडियो में कहा गया था कि बैंक कर्मी से 26 लाख की लूट के मामले में भी सत्य प्रकाश ने ही मुखबिरी की थी।
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पुलिस को कैसे नहीं हुई जानकारी

जिला अस्पताल में शोकाकुल मृतक के परिजन। - फोटो : amar ujala
व्यवसायी की पुलिस हिरासत में हुई मौत में एक सवाल यह भी है कि आखिर उसे जहर कब और कैसे मिला। पुलिस की थ्योरी है कि उसने पुलिस की पकड़ में आने से पहले ही जहर खा लिया था। यदि ऐसा था तो पुलिस को व्यवसायी के घर से 20 किलोमीटर दूर स्थित पीपरपुर थाने पहुंचने तक रास्ते में इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई। यदि उसने पुलिस की पकड़ में आने से पहले जहर नहीं खाया तो बाद में उसे जहर कैसे मिल गया।
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