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UP: कोडीन कफ सिरप प्रकरण में बयान देने पर ड्रग इंस्पेक्टर पर गिरी गाज, किया गया निलंबित

Fri, 02 Jan 2026 02:49 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, अमेठी

सार

ड्रग इंस्पेक्टर का नाम पहले भी विवादों में आ चुका है। कुछ माह पहले मुंशीगंज में वाहन रोके जाने पर थाना प्रभारी से सड़क पर कहासुनी हुई थी। उस समय उनकी गाड़ी से शराब की बोतलें मिलने की भी बात सामने आई थी।
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कफ सिरप - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ड्रग इंस्पेक्टर कमलेश मिश्र को कोडीन युक्त कफ सिरप मामले में मीडिया के सामने बयान देना महंगा पड़ गया। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए शासन स्तर से उन्हें निलंबित कर दिया गया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन अनुभाग-1 का निलंबन संबंधी आदेश भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

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कुछ दिन पहले तिलोई में एक होलसेल मेडिकल स्टोर पर कोडीन युक्त कफ सिरप पकड़ा गया था। इसी मामले में उस मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने वाले एक अन्य मेडिकल स्टोर पर भी छापेमारी हुई थी। दोनों दुकानों के लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया चल रही थी। इसी बीच ड्रग इंस्पेक्टर कमलेश मिश्रा ने मीडिया से बातचीत में कार्रवाई से जुड़ी जानकारी साझा की थी। उच्च्चाधिकारियों की मनाही के बाद भी मीडिया को बयान देना उन्हें भारी पड़ गया। उनके निलंबन को लेकर बुधवार को ही खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन अनुभाग-1 का एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस पत्र में बताया गया कि कोडीन युक्त कफ सिरप से जुड़े मामलों को संवेदनशील माना जाता है। ऐसे प्रकरणों में जांच पूरी होने से पहले किसी तरह का सार्वजनिक बयान देना शासन के निर्देशों के विपरीत है। इसी आधार पर ड्रग इंस्पेक्टर की भूमिका को गंभीर लापरवाही की श्रेणी में रखा गया और निलंबन की कार्रवाई की गई। 

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ड्रग इंस्पेक्टर का नाम पहले भी विवादों में आ चुका है। कुछ माह पहले मुंशीगंज में वाहन रोके जाने पर थाना प्रभारी से सड़क पर कहासुनी हुई थी। उस समय उनकी गाड़ी से शराब की बोतलें मिलने की भी बात सामने आई थी। इस घटना को लेकर भी विभाग की काफी किरकिरी हुई थी।

जल्द होगी वैकल्पिक व्यवस्था
जिलाधिकारी संजय चौहान ने बताया कि ड्रग इंस्पेक्टर को शासन से निलंबित कर दिया गया। जिले में दवा निरीक्षण व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।

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