लखनऊ में सोमवार को 108 व 102 एंबुलेंस चालकों की हड़ताल की वजह से मरीज खासें परेशान हुए। तीमारदार एंबुलेंस के लिए सरकारी नंबर पर कॉल करते रहे मगर उन्हें एंबुलेंस नहीं मिली। ऐेस में तीमारदार अपने मरीज को ई रिक्शा, टेंपो या निजी वाहन से लेकर अस्पताल पहुंचे। इस दौरान कई मरीजों की हालत बिगड़ गई।
मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए 108 की 44 एंबुलेेंस जिले में संचालित हो रही है। इसमें 150 मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। जबकि 102 की 34 गाड़ियां लगी हुई है। दोनों गाड़ियां हर रोज करीब चार सौ से अधिक अस्पताल पहुंच रहे थे। इसमें गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं। गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचने के लिए एंबुलेंस न मिलने से वह निजी वाहन से अस्पताल पहुंची। सोमवार सुबह से एंबुलेंस कर्मी हड़ताल पर चले गए। इसे लेकर सभी एंबुलेंस का चक्का जाम हो गया। कॉल सेंटर पर लोग एंबुलेंस के लिए फोन मिलाते रहे मगर कोई मदद नहीं मिली। ऐसे में कई मरीज टेंपो, आटो व ई रिक्शा पर लादकर अस्पताल पहुंचाए गए। इस दौरान कई मरीजों की हालत भी गंभीर हो गई।
नई कंपनी को मिला ठेका, भर्ती में पुराने लोगों को नहीं दी वरियता
कर्मचारियों का आरोप है कि जिस नई कंपनी को एंबुलेंस संचालन का ठेका मिला है। वह कंपनी पुराने कर्मचारियों की भर्ती में वरियता नहीं दे रही है। आरोप है कि कंपनी नए कर्मचारियों को भर्ती कर रही है। इसे लेकर सभी एंबुलेंसकर्मी हड़ताल पर गए हैं। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
सीएमओ ने मरीजों के लिए आठ एंबुलेंस लगाई
एंबुलेंसकर्मियों की हड़ताल से मरीजों को एंबुलेंस नहीं मिल पा रही है। इसे देखते हुए सीएमओ ने आठ ब्लॉक माल, मलिहाबाद, काकोरी, मोहनलालगंज, बीकेटी समेत अन्य ब्लॉक में एक -एक एंबुलेंस मुस्तैद कराई है। कोई भी बीमारी व्यक्ति विजय कुमार मोबाइल नंबर 93352 13689 एवं ऋषि यादव मोबाइल नंबर 97982 82727 पर कॉल करके एंबुलेंस की सेवा ले सकता है।
एंबुलेंस कर्मियों से वार्ता हुई थी। इमरजेंसी के तौर पर छह एंबुलेंस जिले में चलाने पर सहमति हुई है। प्रदेश स्तर पर आंदोलनकारियों से शासन की वार्ता हो रही है। देर रात तक समाधान निकलने की संभावना है।
- डॉ. मधु गैरोला, सीएमओ