प्रदेश में यह सेवा 2012 में शुरू हुई थी। इस बार हुए कंपनी और सरकार के बीच हुए में एंबुलेंस संचालन को बेहतर बनाने के लिए कई बदलाव किए गए हैं। इसमें रिस्पांस सेंटर पर कॉल रिसीव करने और एंबुलेंस को भेजने के लिए जरूरी उपकरणों और मानव संसाधन की पर्याप्त व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रखने की मुख्य शर्त रखी गई है।
108 के बेड़े में 712 नई बसें बढ़ाने की योजना इसी शर्त की एक कड़ी है। इससे एंबुलेंस सेवा के रिस्पॉन्स टाइम में कमी लाने का प्रयास है। अब तक कॉल रिसीव होने के 20 मिनट में एंबुलेंस मुहैया कराने का नियम है, लेकिन एंबुलेंस की संख्या में बढ़ोतरी और एप से निगरानी के जरिए रिस्पॉन्स टाइम 15 मिनट करने का प्रयास है।