अंबेडकर नगर में आरा मशीन लाइसेंस नवीनीकरण के नाम पर कलेक्ट्रेट के दो लिपिकों की रिश्वतखोरी का वीडियो वायरल हुआ है। वीडियो में एक लिपिक पांच हजार, तो दूसरा 50 हजार रुपये लेते दिख रहा है।
कलेक्ट्रेट के आंग्ल अभिलेख विभाग में तैनात दोनों लिपिकों से जुड़ा यह वीडियो सामने आने के बाद डीएम ने उन्हें निलंबित कर दिया है। टांडा नगर के सकरावल स्थित एक आरा मशीन के संचालक ने लाइसेंस नवीनीकरण के लिए वन विभाग में आवेदन किया था।
वन विभाग ने तहसील व जिला प्रशासन से अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त करने को कहा। आवेदक ने तहसील से तो अनापत्ति प्रमाणपत्र लगवा लिया, लेकिन जब रिपोर्ट तहसील से कलेक्ट्रेट पहुंची, तो वहां पत्रावली लिपिकों ने रोक ली।
कलेक्ट्रेट के आंग्ल अभिलेख विभाग में तैनात कर्मचारियों ने आरोप के अनुसार अवैध रकम की मांग शुरू कर दी। आवेदक ने पहले तो दोनों लिपिकों पर हजारों रुपये खर्च किए।
इसके बाद भी कर्मचारियों ने पीछा नहीं छोड़ा। थक हारकर आवेदक ने दोनों कर्मचारियों को सबक सिखाने का मन बनाया और दोनों को रकम देते हुए वीडियो क्लिप तैयार करा ली। यह वीडियो मंगलवार को वायरल हुआ।
एसडीएम सदर को सौंपी जांच
डेमो
- फोटो : amar ujala
इसमें वरिष्ठ सहायक शिवकुमार कलेक्ट्रेट के अपने कक्ष में ही 5 हजार रुपये लेते दिख रहा है, जबकि कनिष्ठ सहायक लालचंद कलेक्ट्रेट परिसर में ही कक्ष के बाहर एक बाइक पर बैठकर 500 के नोट की 50 हजार की गड्डी लेता व उसे गिनता दिखाई पड़ रहा है।
कनिष्ठ सहायक ने वीडियो के अनुसार 20 हजार की और मांग भी की। दोनों कर्मचारियों की घूसखोरी का यह वीडियो सामने आने के बाद डीएम वैभव श्रीवास्तव ने एक्शन लेते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
उन्होंने इसके साथ ही सभी कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी है कि किसी भी पत्रावली को अनावश्यक किसी पटल पर न रोका जाए। वे स्वयं किसी भी विभाग के किसी पटल का औचक निरीक्षण करेंगे। यदि कोई फाइल अनावश्यक लंबित पाई गई, तो भी संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई तय की जाएगी।
‘मैंने दोनों कर्मचारियों को वीडियो सामने आने के बाद निलंबित कर दिया है। प्रकरण की जांच एसडीएम सदर को दी गई है। रिपोर्ट आते ही आगे की कार्रवाई तय होगी।’ - वैभव श्रीवास्तव, डीएम