समय के साथ-साथ हमारा ज्यादा से ज्यादा समय सोशल मीडिया पर बीत रहा है। हर मिनट हम कुछ न कुछ सर्च करते रहते हैं। कभी लाइक तो कभी कमेंट करते रहते हैं। सोशल मीडिया, इंटरनेट का इस्तेमाल हमारी दिनचर्या का एक अनिवार्य हिस्सा बन गया है, उतना ही हमारी साइबर सुरक्षा खतरे में पड़ती जा रही है।
हम सोशल मीडिया के प्रोटोकाॅल को जानते नहीं और तरह-तरह के खतरे में पड़ जाते हैं। इससे बचने के लिए क्या करें, यह बताने के लिए बुधवार को यूनिसेफ की जिंदगी मास्टर क्लास में मौजूद थे इन्फॉर्मेशन, कम्युनिकेशन और टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट नवीन गुप्ता। युवाओं और अभिभावकों के लिए वेबिनार की इस शृंखला में अमर उजाला मीडिया पार्टनर है। वेबिनार का सजीव प्रसारण अमर उजाला लखनऊ के फेसबुक पेज पर भी किया गया।
प्रारंभिक जानकारियां सबको होनी जरूरी हैं
नवीन गुप्ता ने बताया कि कुछ बेसिक नियम है, जिसे ध्यान रखना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। पासवर्ड मजबूत हो, प्राइवेसी को हमेशा बनाए रखें, किसी अनावश्यक बहस में न पड़ें, गूगल पर सर्च करने के तरीकों में सावधान रखें। फ्रेंड्स सर्किल का चयन बेहतर तरीके से करें। यूजरनेम को सोच-समझ कर करें। अपने सर्किल के बारे में जानकारी रखें।
अनफॉलो या अनफ्रेंड करने में हिचकें नहीं, एडिट करने में संकोच न करें
यदि हमारी फ्रेंड्स लिस्ट में कुछ असामाजिक तत्व या लोग जुड़ गए हैं तो उन्हें अनफॉलो या अनफ्रेंड करने से हिचकें नहीं। पोस्ट करने से पहले सोचना बहुत जरूरी है। हम किस बारे में क्या लिख रहे हैं। इस बारे में सोचना जरूरी है। जो कुछ भी लिख रहे हैं, उसे लिखते समय भाषा संयत होनी चाहिए। यदि आपको अपने लिखे पर कोई संदेह है तो उसे तत्काल डिलीट करें या फिर एडिट करें। ये ध्यान रखें कि जो आप सोशल मीडिया पर लिखते हैं। वे आपके राइटिंग टैलेंट के बारे में लोगों की धारणा को निगेटिव या पॉजिटिव बनाता है।
अपनी व्यक्तिगत जानकारियों को कम से कम शेयर करें
मेल के जरिए कभी बोनस, कभी सैलरी, कभी करोड़ों मिलने की सूचनाएं दी जाती हैं। बदले में लिंक देकर उस पर क्लिक करने, अपनी जानकारी देने के लिए कहा जाता है। कृपया ऐसा न करें, वरना आप का बड़ा नुकसान हो सकता है। इसके अलावा आप कहां जा रहे, कहां से आ रहे, कितने दिन बाहर रहेंगे, इस तरह की अपडेट देना बंद करें।
बैंक या अन्य वित्तीय लेनदेन के लिए इस्तेमाल मेल आईडी अलग ही रखें
जब भी हम नेट पर जाते हैं तो हर साइट पर हमसे मेल आईडी मांगी जाती है। ऐसे में एक पब्लिक आईडी रखें और एक आईडी ऐसी रखें, जिसे आप अपने बैंक अकाउंट या वित्तीय लेनदेन से जुड़े मामलों में इस्तेमाल करें।