'संगम' कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि समाज में बदलाव लाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत हैं। सरकार की जीरो पॉवर्टी अभियान के तहत अति गरीब परिवारों को चिह्नित कर उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। यह योजना समाज में संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आनंदीबेन पटेल ने कहा कि हम सभी भारत माता की संतान हैं। देश के विकास के लिए मिलकर प्रयास करना हमारी जिम्मेदारी है। सरकार ने प्रयागराज में अक्षय वट और बड़े हनुमानजी के दर्शन के लिए कॉरिडोर का निर्माण कराया है, जो श्रद्धालुओं के लिए एक अनूठा अनुभव होगा।
संपन्न वर्ग से गरीबों की मदद की अपील
राज्यपाल ने अमर उजाला के सामाजिक सरोकारों में भागीदारी की सराहना की। संपन्न वर्ग से अपील की कि वे गरीबों की मदद के लिए आगे आएं और समाज में संतुलन लाने का प्रयास करें। कार्यक्रम में राजभवन बैंड के बच्चों ने राष्ट्रगान की प्रस्तुति दी। इन बच्चों को राज्यपाल की प्रेरणा और मार्गदर्शन से शिक्षा दी जा रही है।
संस्कृति की अद्भुत झलकियों को सराहा
राज्यपाल ने विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक विविधताओं, खान-पान, रहन-सहन, और धार्मिक परंपराओं को प्रदर्शित करने वाले स्टालों का भ्रमण किया। उन्होंने भारतीय संस्कृति की इन अद्भुत झलकियों को सराहा और कहा कि यह हमारी विविधता में एकता को दर्शाता है। इसके साथ ही भारतीय गौ सेवा परिषद की स्टॉल पर राज्यपाल ने विधिवत गाय पूजन भी किया। उन्होंने गौ माता के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने और उनके संरक्षण के प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर महिला कल्याण एवं बाल विकास राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला, लोक गायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी भी उपस्थित रहे।
'संगम' कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल
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राज्यपाल ने 16 मेधावी बच्चों को मुफ्त स्नातक व तकनीकी शिक्षा और मुफ्त छात्रावास की स्कालरशिप देकर सम्मानित किया। लगभग एक करोड़ रुपये की ये स्कालरशिप अमर उजाला ने संस्कृति विश्वविद्यालय मथुरा के सहयोग से दी। मुख्य अतिथि के रूप में राज्यपाल ने संस्कृति विश्वविद्यालय, मथुरा के सौजन्य से पांच बच्चों को प्रतीकात्मक रूप से छात्रवृत्ति प्रदान की। संस्कृति विश्वविद्यालय के चेयरमैन डॉ. सचिन गुप्ता की प्रशंसा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि गरीब परिवार के बच्चों का हाथ पकड़कर अपने विश्वविद्यालय में ले जाकर पढ़ाने से अच्छा व नेक काम और क्या हो सकता है। आर्थिक रूप से संपन्न और गरीब परिवार से मिल जाएं, तो समाज में बहुत बड़ा बदलाव आ सकता है।
वृद्धजनों के प्रति संवेदनशील बनने का दिया संदेश
राज्यपाल ने अमर उजाला और रॉयल कैफे के सहयोग से वृद्धाश्रम की महिलाओं को साड़ी और अन्य उपयोगी सामग्री वितरित की। उन्होंने इसे पुण्य कार्य बताते हुए समाज को वृद्धजनों के प्रति संवेदनशील बनने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि माता-पिता अपने बच्चों का जीवन संवारने में अपना सब कुछ लगा देते हैं, लेकिन दुर्भाग्यवश कुछ बच्चे वृद्धावस्था में माता-पिता को अकेला छोड़ देते हैं। यह चिंताजनक है। शिक्षा का सही उद्देश्य माता-पिता का सम्मान और उनकी सेवा करना है।
भारत मां कभी नहीं करती भेदभाव
समतावादी समाज के निर्माण पर जोर देते हुए राज्यपाल ने सवाल किया कि क्या कभी भारत माता ने भोजन या आक्सीजन को लेकर पक्षपात किया? जब भारत मां ने सभी को आक्सीजन और भोजन-पानी का अधिकार दिया तो यही भाव हमारे मन में भी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि संतों से सीख लीजिए कि वे कैसा जीवन जी रहे हैं। भारत के विकास में अहम भूमिका निभा रहे हैं। विदेशी भी भारी संख्या में महाकुंभ में आ रहे हैं।
प्रयागराज के तीन कॉरीडोर की सराहना
राज्यपाल ने प्रयागराज के तीन कॉरीडोर की तारीख करते हुए कहा कि इस कार्य से श्रद्धालुओं के लिए दर्शन-पूजन सुलभ हो गए हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की सोच की प्रशंसा करते हुए कहा कि महाकुंभ मेले में भारी खर्च होता है। इस धन से स्थायी व्यवस्था भी होना चाहिए कि महाकुंभ के बाद भी श्रद्धालु आसानी से दर्शन कर सकें। कॉरीडोर और पुल की ये सोच हमारी राज्य और केंद्र सरकार की है।