Amar Ujala Sangam: 'संगम' में पहुंचीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल
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अमर उजाला और संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में हो रहे संस्कृतियों के महाकुंभ 'संगम' का आगाज शनिवार को हो गया। गोमती नगर के समतामूलक चौराहे के निकट रिवर फ्रंट पर कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 10 बजे हो गया। दोपहर 12 बजे राज्यपाल आनंदीबेन पटेल कार्यक्रम में पहुंचीं।
उन्होंने भ्रमण करके स्टॉलों का अवलोकन किया। इस बीच वैदिक पाठशाला के बच्चों और पुरोहितों ने मंत्रोच्चार गायन की प्रस्तुति दी। इस दौरान बच्चों ने अपनी प्रस्तुति से मौजूद लोगों की मन मोह लिया।
Amar Ujala Sangam: 'संगम' कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल
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'संगम' कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया।
Amar Ujala Sangam: 'संगम' कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल
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'संगम' कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने गौ सेवा परिषद के स्टॉल पर गौ माता की पूजा की।
Amar Ujala Sangam: 'संगम' कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल
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'संगम' कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मराठा समाज के स्टॉल का अवलोकन किया। छत्रपति शिवाजी जी महाराज की प्रतिमा पर पुष्पार्पित किया।
Amar Ujala Sangam: 'संगम' कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल
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'संगम' कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने स्टॉलों का अवलोकन करके उनके व्यंजनों और उत्पादों के बारे में जाना।
Amar Ujala Sangam: 'संगम' कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल
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राज्यपाल को किया गया सम्मानित
अमर उजाला लखनऊ के संपादक विजय त्रिपाठी ने मंच पर पौधा भेंट करके राज्यपाल को सम्मानित किया। कार्यक्रम में राज्यपाल ने 10वीं और 12वीं के मेधावियों को सम्मानित किया।
Amar Ujala Sangam: 'संगम' कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल
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'संगम' कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने गरीब महिलाओं को कंबल भेंट किया।
सत्य सनातन नारी संगठन की महिलाओं ने दी प्रस्तुति।
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संगम कार्यक्रम में जय श्रीराम गूंजा। सत्य सनातन नारी संगठन की महिलाओं ने शंख बजाकर अपनी प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम को संबोधित करतीं राज्यपाल
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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन हो रहा है। यहां पहले अक्षयवट की पूजा पर रोक थी। आज अक्षयवट की सरकार के प्रयासों से वहां पूजा की जा रही है। कोई भी जाकर दर्शन और पूजन कर सकता है।
कहा कि प्रयागराज को हम लोग त्रिवेणी संगम कहते हैं। वहां पर गंगा और यमुना दिखाई देती हैं। लेकिन, सरस्वती अदृश्य रूप से मौजूद हैं। वहां भी सरकार ने कॉरिडोर बनाया है। जो श्रद्धालु सरस्वती माता के दर्शन करना चाहते हैं, वो कॉरिडोर से जा सकते हैं।
कहा कि तीसरा कॉरिडोर और बना है, जो लेटे हनुमान जी यानी बड़े हनुमान जी पर बना है। यहां पर दर्शन पूजन करने के लिए पूरा सुविधा उपलब्ध कराई गई है। दो-तीन हजार लोगों के एक साथ बैठने के लिए बड़ा पंडाल भी बनाया गया है। जहां बैठकर लोग कथा वार्ता भी कर सकते हैं।
राज्यपाल ने कहा कि सिर्फ कुंभ ही नहीं, बल्कि कुंभ के बाद भी जो लोग यहां आएंगे, वह इसी कॉरिडोर से अक्षयवट, सरस्वती माता और लेटे हनुमान जी के दर्शन कर सकेंगे।
कार्यक्रम आयोजित करने के लिए राज्यपाल ने अमर उजाला को बधाई दी। कहा कि खबरें छापना तो न्यूज पेपर का काम है ही, साथ ही समाज को जोड़ने और संस्कृतियों के समागम का इस तरह का कार्य कापी सराहनीय है।