सड़कों पर नमाज को लेकर सीएम की चेतवानी
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सड़कें चलने के लिए हैं, किसी को भी चौराहे पर आकर आवागमन बाधित करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने लोगों से पूछा कि क्या कोई सड़क रोककर तमाशा बना देगा? मुख्यमंत्री ने सलाह दी कि यदि नमाज पढ़ना जरूरी है, तो उसे शिफ्ट में या घर में पढ़ा जा सकता है। उन्होंने जोर दिया कि सिस्टम के साथ रहने के लिए नियम-कानूनों का पालन करना अनिवार्य है। मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि जब उन्होंने शासन संभाला था, तब उत्तर प्रदेश में हर दूसरे दिन दंगे होते थे। उस समय हर जिले में माफिया की समानांतर सत्ता संचालित होती थी। अब ऐसी अराजकता की छूट किसी को नहीं मिलेगी। उन्होंने मीडिया की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया।
'यूपी में अराजकता की छूट किसी को नहीं'
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक भी सनसनी भरी खबर कहां आग लगा दे, क्या कुछ कर दे, उसका भरोसा नहीं। हम इस बात के लिए कतई तैयार नहीं हैं कि यूपी में फिर से कर्फ्यू लगे, दंगों की शुरुआत हो और किसी प्रकार की अराजकता की छूट किसी को मिले। ऐसे में संवेदनशील रिपोर्ट ही मीडिया को विश्वसनीय बनाती है। अमर उजाला को उसकी 78 वर्षों की शानदार यात्रा के लिए बधाई देता हूं कि उसने विश्वसनीयता पर खरा उतरने का प्रयास किया है।