लखनऊ में आयोजित अमर उजाला संवाद में यूपी सरकार की मंत्रियों ने छठें सत्र में महिला कल्याण एवं बाल विकास मंत्री बेबीरानी मौर्य, माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी, उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी, महिला कल्याण एवं बाल विकास राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला और ग्राम्य विकास राज्यमंत्री लक्ष्मी गौतम ने अपने अनुभव साझा किए।
यूपी सरकार की मंत्री बेबी रानी मौर्य ने महिलाओं के राजनीति में आने पर कहा कि महिलाओं को राजनीति में भागीदारी करनी चाहिए। यह चुनौतीपूर्ण होता है पर मेरे सास और ससुर ने हमेशा मदद की है। कहा कि हमें बड़े सपने देखने चाहिए। महिलाएं राजनीति को बेहतर बना सकती हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा में महिलाओं का बहुत महत्व है। अगर आप अपने काम को पूरी मेहनत और ईमानदारी के साथ करती हैं तो उसका परिणाम जरूर मिलता है। बेबी रानी ने कहा कि हम लोग राज्यसभा चुनाव में जीत रहे हैं।
ग्राम्य विकास राज्यमंत्री लक्ष्मी गौतम ने कहा कि राजनीति करने में कठिनाई तो है पर संभल-संभल कर कदम बढ़ाती रही। अब पूरी सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए काम कर रही है। समाज में कठिनाइयां लड़कों के लिए भी हैं लड़कियों के लिए भी हैं।
प्रदेश की उच्च शिक्षा मंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि राजनीति में सफल होने के लिए लक्ष्य होना चाहिए और जज्बा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि लगातार हर बार चुनाव जीता और काम करके दिखाया। यही कारण है कि 2012, 2017 और 2022 का चुनाव जीता।
महिला कल्याण एवं बाल विकास राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने कहा कि भले ही शरीर अलग हो पर स्त्री व पुरुष दोनों की आत्मा एक है। महिलाओं के लिए राजनीति एक अच्छी जगह है। अगर आप किसी की मदद करना चाहते हैं तो ये एक बहुत अच्छा क्षेत्र है। महिलाओं की सफलता पर उनके चरित्र पर सवाल उठाना संस्कारों का अभाव है।
माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने कहा कि मुझे मेरे माता-पिता ने खूब पढ़ाया। मैंने मन मे यह निर्णय लिया कि मैं खुद इतना मेहनत करूंगी कि मेरे माता-पिता को बेटे की कमी कभी न महसूस हो। पढ़ लिखकर स्कूल की प्रिंसिपल बनी और फिर राजनीति में आ गई। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को लक्ष्य बनाकर काम करना चाहिए। व्यक्ति में जब भावना बलवती होती है तो संसाधनों का अभाव पीछे रह जाता है। उन्होंने महिलाओं से एलान किया कि मैचिंग में समय मत लगाइए। खुद की सेटिंग में समय लगाइए।
उन्होंने बेटियों से कहा कि इस बात की चिंता न करें कि कौन क्या कह रहा है। उन्होंने कहा कि भगवान कृपा नहीं करते हैं न्याय करते हैं। हमारे देश में साल में दो बार नवरात्र होता है फिर भी बेटियों पर अत्याचार सर्वाधिक होता है। इस पर बेबी रानी ने कहा कि जब हम छोटे थे तो कन्या भ्रूण हत्या शब्द भी नहीं सुना था। अत्याचार इसलिए ही है कि हम अपने संस्कार और परंपराओं को भूल रहे हैं। हमें न तो अपने माता-पिता से धोखा करें और न ही खुद से करें। उन्होंने कहा कि माता-पिता को ध्यान रखना चाहिए कि बच्चे मोबाइल का समझदारी से इस्तेमाल करें। रजनी तिवारी ने कहा कि मोबाइल और तकनीक हमारे लिए माध्यम है। हमें इसका सही से इस्तेमाल करना चाहिए।
प्रतिभा शुक्ला ने बताया कि जीवन में दिखावा नहीं होना चाहिए। उन्होंने समाज की कथनी और करनी में अंतर होने पर कहा कि हमें हर रोज एक अच्छा काम करना चाहिए। कहा कि हमारे यहां संस्कार विलुप्त हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि बनावट की जिंदगी सुकून नहीं मिल सकता है।
गुलाब देवी ने कहा कि आज महिलाओं पर से प्रतिबंध कम हो रहे हैं। पहले बच्चियों पर माता-पिता का नियंत्रण रहता था। शादी के बाद पति का नियंत्रण रहता था और बुजुर्ग होने पर बेटे का नियंत्रण रहता था उन्हें अपने व्यक्तित्व का विकास करने का मौका नहीं मिलता पर अब जागरुकता आई है।
अगले आने वाले 25 वर्षों में राजनीति में महिलाओं की क्या स्थिति होगी। इस पर बेबी रानी मौर्य ने कहा कि समाज में शिक्षा का स्तर बढ़ रहा है। महिलाओं में भी जागरुकता आई है और अब राजनीति में आरक्षण भी दिया जा रहा है।
रजनी तिवारी ने कहा कि महिलाओं के लिए संवाद आयोजित करने के लिए अमर उजाला का धन्यवाद है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को ये इंतजार नहीं करना चाहिए कि कोई उन्हें आगे बढ़ाए। उन्हें खुद प्रयास करना चाहिए।