मुद्दा यूपी के विकास का हो या फिर महिला सशक्तीकरण का...। बातें खेल, सेहत, अध्यात्म, फिल्म की हों या फिर कारोबार की...। देश भर की नामचीन हस्तियों ने इन सब मुद्दों पर अपने तर्कों से समझ की नई खिड़कियां खोलीं। तर्कों की छेनी से जमी जमाई मान्यताओं को तोड़ा। भविष्य के नए प्रतिमान गढ़े। पैमाने गढ़े...। मौका था दो दिवसीय अमर उजाला संवाद का। अपनी तरह के पहले और भव्य आयोजन में नामचीन हस्तियों को सुनने के लिए सोमवार व मंगलवार को लखनऊ क्या, पूरे प्रदेश से लोग आए। एक के बाद एक सत्रों में घंटों लगातार उनकी मौजूदगी संवाद की गंभीरता, उसके महत्व और इसकी जरूरत को बता रही थी।
अतिथियों में लखनऊ के अलावा वाराणसी, आगरा, मेरठ, कानपुर, सुल्तानपुर, बाराबंकी के साथ-साथ मुंबई समेत देश के कई शहरों से आए अतिथियों ने हिस्सा लिया। अयोध्या से आरटीओ, सिविल जज, मुंबई से वरिष्ठ अधिवक्ता आभा सिंह समेत प्रदेश के कई उद्योगपति व गणमान्य हस्तियां इसमें शामिल रहे। शहीद पथ स्थित होटल सेंट्रम एक नए उत्साह, एक नई ऊर्जा का दो दिन साक्षी बना। संवाद के पहले दिन सोमवार को सुबह आठ बजे से ही आमंत्रित मेहमान पहुंचने लगे थे। नौ बजते-बजते हॉल भर चुका था। एक तरफ अरुण योगीराज, आचार्य मिथिलेश नंदिनी, डॉ. सुधांशु त्रिवेदी को सुनने की आतुरता थी, तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री के आगमन की प्रतीक्षा। इस बीच हॉल जय श्रीराम के उद्घोष से कई बार गूंजा।
अक्षय-टाइगर से लेकर साइना-पीटी ऊषा तक से मिलने की बेसब्री
सत्र जैसे-जैसे आगे बढ़ता रहे, अक्षय कुमार और टाइगर श्राफ से मिलने की बेसब्री बढ़ती गई। तब तक लोगों में स्टैंडी पर लगी फोटो के साथ ही सेल्फी लेने की होड़ रही। इस बीच साइना नेहवाल और पीटी ऊषा के आते ही लोग उन्हें सुनने को बैठ गए। खेल से नाता न होने के बावजूद भी उन्हें खेल जगत की इन दोनों हस्तियों को सुनना था, इनकी सफलता की कहानियों को जानना था।
रोमांचक अनुभव पहले सुना, फिर सुनाते रहे
उरी स्ट्राइक और खुद के खून से लथपथ होने की कहानी जब सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल आरआर निम्भोरकर ने सुनाई तो हर किसी के रोंगटे खड़े हो गए। संवाद के दूसरे दिन तक ये किस्से लोग एक-दूसरे से साझा करते रहे।
समापन समारोह नारी शक्ति को समर्पित रहा, मिलकर मनाया जश्न
मंगलवार को केंद्रीय महिला व बाल विकास मंत्री स्मृति जूबिन इरानी की मंच पर मौजूदगी ने माहौल में एक अलग तरह का उत्साह भरा। उन्होंने संवाद के दौरान व्यक्तिगत संघर्षों, परिवार, अभिनय और अपने राजनीतिक सफर की कहानी को बड़े ही खूबसूरत अंदाज में सुनाया। उनके हर वाक्य पर तालियों से हाॅल गूंज उठता। उन्होंने देश और प्रदेश की राजनीति के बदलते परिदृश्य, समाज में महिलाओं के उत्थान को लेकर खरी-खरी बातें कही, तो नसीहतें भी दीं। इसके बाद के सत्र में देश की जानी-मानी चिकित्सकों के साथ सेहत की बात हुई। वहीं मनु भाकर ने निशानेबाजी में कॅरिअर बनाने को आगे आ रहे बच्चों, उनके अभिभावकों को कई जरूरी टिप्स दिए।
खूब हुई जीवन और अध्यात्म की बात, सुकून और शांत माहौल में सबने सुना
आध्यात्मिक वक्ता जया किशोरी की मोटिवेशनल बातों ने एक अलग ही माहौल बना दिया। ऐसा माहौल जिसमें शांति और सुकून था। सवालों के जवाब के बीच वे हर श्रोता से खुद को जोड़ती जा रही थीं। समारोह के अंत में प्रदेश की पांचों महिला मंत्रियों की मौजदूगी में अमर उजाला संवाद के मंच से 'सशक्त नारी शक्ति से सशक्त प्रदेश' का संदेश दिया।