‘मां’ के प्रति प्यार, सम्मान और अपनी भावनाओं को रंगों में उकेरने के लिए मंगलवार को लखनऊ के हजारों बच्चे डॉ. राममनोहर लोहिया पार्क में जुटे। हाथ में पेंटिंग ब्रश और कलर्स लेकर जब उन्होंने ममता की मूरत में प्यार के रंग भरे तो लोग देखते ही रह गए।
हर बच्चे ने अपनी मां के अलग-अलग रूपों को रंगों से बयां किया। किसी ने मां को भगवान के रूप में दर्शाया तो किसी ने उन्हें सुपर वुमेन की तरह दिखाया। किसी बच्चे ने उन्हें अपनी बेस्ट फ्रेंड बताया तो किसी ने उनकी डांट में भी सीख मिलने की बात कही।
‘मां’ की ममता को सलाम करने के लिए मदर्स-डे के उपलक्ष्य में हर साल की तरह इस साल भी ‘अमर उजाला’ ने चित्रकला प्रतियोगिता के माध्यम से एक छोटा सा प्रयास किया।
‘मां’ थीम पर तीन वर्गों में आयोजित प्रतियोगिता में कई स्कूल के बच्चों ने हिस्सा लिया। एक ही मंच पर 'मां' के कई रंग बिखरे तो बच्चे एक साथ बोल उठे- 'माई मदर इज द बेस्ट मदर इन द वर्ल्ड।'
इस दौरान एक छात्रा ने कहा कि मां मेरी बेस्ट फ्रेंड है। वो हर वक्त मेरे लिए मौजूद होती हैं। वहीं, दूसरी छात्रा ने कहा कि भगवान हर जगह मौजूद नहीं हो सकते इसीलिए उन्होंने मां को बनाया है जो हमारे अच्छे और बुरे कर्मों पर नजर रखती है।
एक अन्य छात्रा ने कहा कि मां तो भगवान का ही दूसरा रूप है। मेरी मां तो दुनिया की सबसे अच्छी मां है। मैं उनसे अपने हर सीक्रेट्स शेयर करती हूं। इनके अलावा कई अन्य स्टूडेंट्स ने भी मां के प्रति अपनी फीलिंग्स अमर उजाला से शेयर की।
इन माननीयों ने खूब सराहा
कार्यक्रम के बतौर अतिथि यूपी सरकार के पांच मंत्री शामिल हुए। कैबिनेट मंत्री रीता बहुगुणा जोशी (महिला एवं बाल कल्याण), कैबिनेट मंत्री सत्यदेव पचौरी (खादी एवं ग्रामोद्योग ), राज्यमंत्री अर्चना पांडेय (खनन और आबकारी व मद्यनिषेध ), राज्यमंत्री स्वाति सिंह (परिवार एवं महिला कल्याण), राज्यमंत्री संदीप सिंह (बेसिक, माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा) ने बच्चों की पेंटिंग्स देखकर खूब सराहा। मां के बारे में बच्चों से उनकी राय ली और खुद के भी कुछ अनुभव शेयर किए। माननीयों ने कहा कि ऐसे आयोजन होते रहने चाहिए। इससे बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अच्छा मंच तो मिलता ही है, उनका उत्साहवर्धन भी होता है।
डीजीपी ने बच्चों से हाथ मिलाकर उनका लक्ष्य पूछा
उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह भी कार्यक्रम में बतौर अतिथि पहुंचे। उन्होंने बच्चों से हाथ मिलाकर उनकी पेंटिंग्स को खूब सराहा। बच्चों ने उनका लक्ष्य भी पूछा, जिसका सभी ने बेबाकी से जवाब दिया।
...जब डीजीपी ने कहा 'आई एम द चीफ ट्रैफिक पुलिसमैन'
डीजीपी के पहुंचने पर जब बच्चों के बताया गया कि ये यूपी के डीजीपी हैं तो बच्चे बोले- ओ...। इस पर डीजीपी हंस पड़े। फिर उन्होंने पूछा-बच्चों क्या आपने ट्रैफिक पुलिस देखा है? तो सबने उत्तर दिया-यस सर। डीजीपी ने फिर पूछा- क्या काम करता है वो। बच्चों ने कहा कि ट्रैफिक कंट्रोल करता है। इस पर डीजीपी ने कहा कि- 'आई एम द चीफ ट्रैफिक पुलिसमैन।' ये सुनते ही वहां मौजूद उनके मातहत, शिक्षक समेत सभी हंस पड़े।
मिलेगा पुरस्कार
स्टूडेंट्स द्वारा बनाई गई पेंटिंग्स का विशेषज्ञों की टीम अवलोकन करेगी। इसके बाद उनमें से बेहतरीन प्रविष्टियों का चयन कर उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा। पुरस्कार वितरण की तिथि जल्द ही निर्धारित की जाएगी।
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swati singh
- फोटो : amar ujala
बच्ची की पेटिंग देख उसे शाबाशी देतीं राज्यमंत्री स्वाति सिंह।