कोरोना संक्रमण के दौर में जिले के सरकारी ब्लड बैंक लगभग खाली हो चुके हैं। कई ब्लड बैंक ऐसे भी हैं जहां कई ग्रुप का खून नहीं है।
ऐसे में रक्त की कमी को दूर करने के लिए एक सामूहिक प्रयास की जरूरत है। जिसके जरिए ब्लड बैंक में खून का पर्याप्त स्टॉक हो सके और गंभीर मरीजों की जिंदगी बचाई जा सके।
इसके तहत गत वर्षों की तरह अमर उजाला फाउंडेशन 14 जून को ‘विश्व रक्तदान दिवस’ के अवसर पर डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के ब्लड बैंक में ‘स्वैच्छिक रक्तदान शिविर’ का आयोजन कर रहा है।
सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक लगने वाले इस शिविर में कोई भी स्वस्थ व्यक्ति स्वैच्छिक रक्तदान कर सकता है।
अमर उजाला फाउंडेशन रक्तदान कर महादानी बनने वालों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित भी करेगा। आपका एक यूनिट रक्त चार जरूरतमंदों की जिंदगी बचा सकता है। यही वजह है रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है।
लोहिया अस्पताल के बल्ड बैंक प्रभारी डॉ. वीके शर्मा ने बताया कि 18 से 60 साल तक का स्वस्थ व्यक्ति रक्तदान कर सकता है। सबसे बड़ी बात है कि रक्तदान करने से किसी भी तरह की कोई कमजोरी नहीं आती है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से रक्तदान करने की अपील की है।
वैक्सीन लगने के 14 दिन बाद कर सकते हैं रक्तदान
लोहिया अस्पताल के बल्ड बैंक प्रभारी डॉ. वीके शर्मा ने बताया कि वैक्सीन लगवाने के 14 दिन बाद रक्तदान किया जा सकता है। चाहें आपने पहली डोज लगवाई हो या दोनों डोज लगवा ली हों। 14 दिनों बाद रक्तदान करने में कोई दिक्कत नहीं है। डॉ. शर्मा ने बताया कि अगर कोई पॉजिटिव हुआ था तो वो भी आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट आने के 14 दिन बाद रक्तदान कर सकता है।
इन बातों का रखें ध्यान
- रक्तदान से पहले रात में भरपूर नींद लें।
- रक्तदान से पहले भरपेट नाश्ता करें, खाली पेट रक्तदान न करें।
- रक्तदान से 48 घंटे पहले तक शराब का सेवन न करें।
- ऐसे व्यक्ति जो दिल के या शुगर के मरीज हैं, रक्तदान नहीं कर सकते।
जाने रक्तदान के फायदे
- दिल स्वस्थ रहता है। हृदयघात होने का खतरा कम होता है।
- खून पतला होता है, जिससे कोलेस्ट्रॉल जमा नहीं हो पाता है।
- शरीर में नए ब्लड सेल्स बनने से सेहत को स्फूर्ति और ऊर्जा मिलती है।
- कैंसर का भी खतरा कम होता है।
अधिक जानकारी और पंजीकरण के लिए करें संपर्क
विवेक सक्सेना : 9675899626
केपी तिवारी : 9415335100