उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) के मुख्यालय में अफसरों के ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़े बड़े बाबू को स्थापना इकाई के पद से मंगलवार को हटा दिया गया। वह मुख्य प्रधान प्रबंधक प्रशासन से सीधे संबद्ध होकर ट्रांसफर-पोस्टिंग की फाइल तैयार करने का अहम काम करता था। रविवार को बड़े बाबू का ऑडियो सामने आया था, जिसमें वह यातायात अधीक्षक को लालगंज डिपो का प्रभारी बनवाने का ऑफर दे रहा था।
‘अमर उजाला’ ने मंगलवार को ‘रोडवेज का बड़ा बाबू बनवा रहा डिपो का प्रभारी’ खबर प्रकाशित कर खेल का खुलासा किया था। परिवहन मंत्री अशोक कटारिया ने प्रबंध निदेशक डॉ. राजशेखर को कार्रवाई के निर्देश दिए। इस पर बड़े बाबू अकील अहमद को ट्रांसफर-पोस्टिंग सेक्शन से विविध अनुभाग भेज दिया गया। उसकी जगह प्रशासन में तैनात अनुभाग अधिकारी राजेश कुमार सिंह को अतिरिक्त रूप से जिम्मेदारी सौंपी गई।
संचालन इकाई के प्रधान प्रबंधक डीवी सिंह जांच कर सात दिन में प्रबंध निदेशक को रिपोर्ट देंगे। इससे पहले सिंडीकेट के अफसरों ने लीपापोती की कोशिश की। उनका दावा था पोस्टिंग का ऑफर देना भ्रष्टाचार की श्रेणी में नहीं आता।
प्रदेश भर में वायरल हुई ‘अमर उजाला’ की खबर
ट्रांसफर-पोस्टिंग में बड़े बाबू का पांच साल से सिक्का चल रहा था। इसके विरोध के चलते कई वरिष्ठ यातायात अधीक्षक सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक नहीं बन सके थे। ‘अमर उजाला’ की खबर परिवहन निगम, कर्मचारी संगठन और जोन के अफसरों-कर्मियों के व्हाट्सएप ग्रुप पर दिनभर वायरल होती रही। शाम को कार्रवाई के बाद बड़े बाबू से पीड़ित लोगों ने ‘अमर उजाला’ को धन्यवाद भी दिया।