आयोजन में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी', भूपेंद्र चौधरी सहित केंद्रीय स्तर के वरिष्ठ मंत्रियों, प्रशासनिक अधिकारियों और इंफ्रास्ट्रक्चर एवं रियल एस्टेट के प्रतिनिधियों की सहभागिता रहेगी।
एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट की बढ़ती कनेक्टिविटी से प्रदेश में नए आर्थिक कॉरिडोर कैसे आकार लेंगे और बदलते शहरी परिदृश्य में रियल एस्टेट के कौन से बाजार उभरकर सामने आएंगे...। ऐसे ही सवालों के साथ उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास की अगली तस्वीर पर नौ अक्तूबर को होटल ताज में अमर उजाला बिल्ड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉन्क्लेव में मंथन किया जाएगा। कार्यक्रम पावर्ड बाई अडानी रहेगा।
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बिल्ड का हिस्सा बनने के लिए क्यूआर कोड स्कैन कर रजिस्ट्रेशन करें। कॉन्क्लेव में सरकार, प्रशासन, नीति-निर्माताओं और उद्योग जगत के प्रतिनिधि एक मंच पर जुटेंगे।
प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी', भूपेंद्र चौधरी सहित केंद्रीय स्तर के वरिष्ठ मंत्रियों, प्रशासनिक अधिकारियों और इंफ्रास्ट्रक्चर एवं रियल एस्टेट के प्रतिनिधियों की सहभागिता रहेगी। एनएचएआई, यूपी रेरा और यूपीसीडा से जुड़े प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।
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पांच सत्रों में विकास की नई तस्वीर पर होगी चर्चा: बिल्ड में इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रदेश के आर्थिक विकास से जुड़े पांच सत्र होंगे। इसमें एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट व कनेक्टिविटी बढ़ने से बनने वाले नए आर्थिक कॉरिडोर, औद्योगिक निवेश और विकास पर विशेषज्ञ विचार साझा करेंगे। वहीं उभरते शहरों व बदलते शहरी परिदृश्य में रियल एस्टेट की संभावनाओं पर भी सार्थक चर्चा होगी। ग्रीन एनर्जी, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और इंडस्ट्रियल रियल एस्टेट को विकास की नई रफ्तार से जोड़ने के अवसरों पर विशेषज्ञ मंथन करेंगे।
खरीदारों और निवेशकों के लिए भी मंच: बिल्ड केवल नीति और उद्योग जगत के संवाद तक सीमित नहीं रहेगा। प्लॉट, घर, कॉमर्शियल स्पेस खरीदने या रियल एस्टेट में निवेश की योजना बना रहे लोगों के लिए भी यह महत्वपूर्ण मंच होगा। बिल्डर्स, डेवलपर्स और रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों की मौजूदगी में लोग विभिन्न परियोजनाओं, उभरते बाजारों और निवेश की संभावनाओं को समझ सकेंगे।