फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सपा में वापसी पर अमर सिंह ने तोड़ी चुप्पी, जानें, क्या कहा

Mon, 25 Jan 2016 02:13 AM IST
राजेन्द्र सिंह/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
निष्कासन के छह साल पूरे होने पर समाजवादी पार्टी में वापसी की अटकलों पर पूर्व सांसद अमर सिंह यह कहते हुए विराम लगाते हैं कि न तो सपा में शामिल होने के लिए दरख्वास्त दी है और न ही दूंगा। वह कहते हैं, मुझे अर्थी मंजूर है, सपा में टिकटार्थी बनना मंजूर नहीं है। जया बच्चन से आजम खां तक मेरे धुर विरोधी हैं।
विज्ञापन


अमर सिंह को 27 जनवरी 2010 को सपा से निष्कासित किया गया था। 27 जनवरी उनका जन्मदिन है। अमर सिंह लखनऊ आ रहे हैं तो एक बार फिर अटकलों ने जोर पकड़ा कि सपा में उनकी वापसी हो सकती है, लेकिन ‘अमर उजाला’ से बातचीत में उन्होंने इन अटकलों पर विराम लगा दिया।

वे बोले, रामगोपाल यादव ने कुछ दिन पहले ही कहा था कि मैं सपा में वापसी के लिए दरख्वास्त दूंगा तो विचार किया जाएगा। मैंने न कोई दरख्वास्त दी है और न ही दूंगा। ऐसे में सपा में मेरी वापसी का सवाल कहां उठता है?
विज्ञापन


यदि सपा में मेरी अहम भूमिका होती तो निकाला ही क्यों जाता? मुझे निष्कासन से पहले कारण बताओ नोटिस भी नहीं दिया गया, चार्जशीट भी नहीं दी गई। मुझे आज तक पता नहीं कि मेरी गलती क्या है?
Trending Videos

वापसी की अटकलों पर मिलती हैं गालियां

सपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव इस बात से आहत हैं कि जब कभी वे लखनऊ आते हैं, मुलायम सिंह या अखिलेश यादव से मिलते हैं या किसी गैर राजनीतिक मंच पर उनके साथ होते हैं तो मीडिया में सपा में वापसी की अटकलें लगने लगती हैं।

इसके तुरंत बाद उन्हें गालियां देकर उनका अपमान किया जाता है। जनेश्वर मिश्र पार्क के आयोजन में गया तो रामगोपाल ने कहा कि मीडिया को चार हजार लोगों में अमर सिंह ही दिखाई देते हैं?

वे कहते हैं, वरिष्ठ नेता जनेश्वर मिश्र से जुड़ा आयोजन होने के कारण नेताजी के बुलावे पर मैं जनेश्वर मिश्र पार्क गया जरूर, लेकिन शिवपाल साथ न ले जाते तो एंट्री भी न मिलती। नेताजी के जन्मदिन में गया तो आजम खां ने मुझे कूड़ा तक कह दिया।

सपा में मेरी वापसी की अटकलों से असुरक्षा के भय में कुछ लोग मुझ पर अमर्यादित टिप्पणियां करते हैं। नेताजी (मुलायम सिंह) हमारे सम्मान की रक्षा नहीं कर पा रहे हैं। मैं उन्हें प्यार करता हूं, इसलिए सपा में आकर उनकी तकलीफ नहीं बढ़ाना चाहता।

आजम ने जयाप्रदा को नाचने वाली बाई तक कह दिया...

अमर सिंह ने कहा, जयाप्रदा के बेटे की शादी में मुलायम सिंह जाते हैं तो आजम खां उन्हें नाचने वाली बाई कहते हैं। ऐसे में क्या उन्हें सपा में आना चाहिए? तीन दिन पहले ही आजम ने कहा है कि जयाप्रदा दो बार रामपुर की सांसद रहीं लेकिन उन्होंने वहां के लोगों को नृत्य नहीं दिखाया। क्या इस अपमान के लिए जयाप्रदा सपा में आएंगी?

इफ्तार पार्टी में कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी भी शामिल हुए लेकिन किसी ने नहीं कहा कि वह सपा में शामिल होंगे, लेकिन मेरे बारे में अटकलें लगती रहीं।

कभी टिकट नहीं मांगा, सुप्रीम कोर्ट से बची राज्यसभा सदस्यता
अमर सिंह ने कहा कि वे तीन बार राज्यसभा सदस्य रहे, लेकिन कभी टिकट नहीं मांगा। अब जब भी सपा में शामिल होने की अटकलें लगती हैं, मुझे राज्यसभा के टिकट का दावेदार बताया जाता है। मैं शुक्रगुजार हूं कि शिवपाल ने स्थिति स्पष्ट की कि मैंने कभी टिकट नहीं मांगा। एक और बात बता दूं कि सपा ने मेरा और जयाप्रदा का केवल पार्टी से निष्कासन ही नहीं किया, राज्यसभा सदस्यता समाप्त करने के लिए भी अर्जी दी थी। इसके खिलाफ मैं अदालत गया।

सुप्रीम कोर्ट के स्टे के कारण हमारी सदस्यता बची। मेरा कार्यकाल पूरा हो चुका है, लेकिन अब भी मैं यह केस लड़ रहा हूं। हम दलबदलू नहीं थे, इसलिए दलबदल विरोधी कानून हम पर लागू नहीं होता। इसका हल संविधान पीठ निकालेगी।

'सम्मान और गालियों से मेरा पेट भर चुका है'

अमर सिंह कहते हैं, सम्मान और गालियों से मेरा पेट भर चुका है। इससे ज्यादा पचा नहीं पाएंगे। कृपया मुझे फुटबॉल मत बनाइए। मैं पिछले आठ माह से लगातार अस्वस्थ रहा हूं। हाल ही अस्पताल में भर्ती हुआ था।

कुछ दिन पहले नरेंद्र मोदी से मिला था, तो क्या मैं भाजपा में जा रहा हूं। राहुल गांधी से भी मेरे अच्छे संबंध हैं, लेकिन इसका मतलब कांग्रेस में जाना नहीं है।

लखनऊ मेरा घर है, यहां आने के लिए किसी पासपोर्ट की जरूरत नहीं है। मैं यहां आता रहूंगा, लेकिन मेरे आने को सपा में शामिल होने से जोड़कर मेरा अपमान न किया जाए। 27 जनवरी को मेरे निष्कासन के 6 साल पूरे हो जाएंगे। इसके बाद मैं आजाद हूं।
विज्ञापन

भतीजे अखिलेश से संबंध हैं, सीएम से नहीं

अमर सिंह कहते हैं, मुलायम और अखिलेश से मेरे संबंध राजनीतिक नहीं हैं। मैं भतीजे अखिलेश को जानता हूं, मुख्यमंत्री अखिलेश को नहीं। यह जरूर चाहता हूं कि मेरा भतीजा फिर मुख्यमंत्री बने। मैं मुलायम सिंह से स्नेह करता हूं, उनका आदर करता हूं।

उनसे 14 साल अटूट रिश्ते रहे हैं। उनसे मिलने के लिए मुझे पार्टी के लाइसेंस या सरकार की स्वीकृति की जरूरत नहीं है। मैं उनसे जीवन भर मिलूंगा।

सपा मेरा इतिहास है, मैं इसे मिटा नहीं सकता। मैंने 30 साल, अपने गुर्दे, आंत और स्वास्थ्य पार्टी के लिए दिया है। अब अपने बच्चों को समय देना चाहता हूं।

मौजूदा स्थिति से संतुष्ट हूं
अमर सिंह ने कहा, मेरे मन में गौरवशाली इतिहास और निराशाजनक भविष्य का भाव नहीं है। मैं वर्तमान की स्थिति से आनंदित और प्रफुल्लित हूं। उन्होंने एक शेर के जरिये अपनी बात कही-

‘भूतकाल व्याकुल करे और भविष्य अकुलाए
वर्तमान में जो जियें तो जीना आ जाए।’
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें