फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राज्यसभा की रेस: अमर को मिल सकता है सपा का साथ

Tue, 28 Oct 2014 01:37 AM IST
राजेंद्र सिंह/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
राज्यसभा की दस सीटों पर चुनाव की अधिसूचना जारी होते ही राजनीतिक जोड़तोड़ तेज हो गई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजित सिंह, बेनी प्रसाद वर्मा और सपा से निष्कासित चल रहे अमर सिंह को राज्यसभा पहुंचने की रेस में शामिल माना जा रहा है।
विज्ञापन


सर्वाधिक छह प्रत्याशी सपा के चुने जाएंगे। सपा महासचिव रामगोपाल यादव का फिर से राज्यसभा पहुंचना लगभग तय है। वहीं, अमर सिंह को भी सपा का समर्थन मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

राज्यसभा की जिन दस सीटों के लिए चुनाव होने हैं, वे बसपा के छह, सपा के तीन और भाजपा के एक सदस्य का कार्यकाल पूरा होने पर रिक्त हो रही हैं। इस बार समीकरण बदले हुए हैं। सपा के छह प्रत्याशी चुने जाएंगे और बसपा के दो। भाजपा और कांग्रेस-रालोद से एक-एक सदस्य राज्यसभा पहुंचेगा।
विज्ञापन


सपा में प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया चल रही है। सोमवार को ही सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने केंद्रीय संसदीय बोर्ड का पुनर्गठन किया है। औपचारिक तौर पर इसी में प्रत्याशियों के नामों पर मुहर लगनी है। सपा के जिन तीन सदस्यों का कार्यकाल पूरा हो रहा है, उनमें रामगोपाल यादव फिर से राज्यसभा जाएंगे।

अजित सिंह भी दावेदारों में शामिल

अमर सिंह और मो. अदीब को लेकर जरूर किंतु-परंतु की स्थिति है। पर, पिछले दिनों अमर सिंह ने जिस तरह सपा सुप्रीमो से नजदीकियां दिखाईं, खुद को मुलायमवादी कहा, उससे अटकलें लगाई जा रही हैं कि वह सपा के सहयोग से दूसरी बार राज्यसभा पहुंच सकते हैं। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष मो. अदीब को लेकर सपा नेतृत्व का रुख अभी साफ नहीं है।

लोकसभा चुनाव हार चुके रालोद अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह भी राज्यसभा पहुंचने के दावेदारों में हैं। उन्हें लेकर दो तरह की अटकलें हैं। पहली यह कि वह कांग्रेस और रालोद के साझा प्रत्याशी हो सकते हैं और दूसरी यह कि वह रालोद प्रत्याशी के रूप में सपा के सहयोग से राज्यसभा जा सकते हैं।

कांग्रेस, अजित को प्रत्याशी बनाने के लिए हरी झंडी देगी या नहीं, इस पर स्थिति साफ नहीं है। यह भी हो सकता है कि कांग्रेस अपना प्रत्याशी उतारे।

हालांकि, अजित सिंह का दोनों दलों से संवाद बना हुआ है। पिछले दिनों मेरठ रैली में शिवपाल सिंह यादव की शिरकत और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से जयंत चौधरी की मुलाकात के बाद सपा के सहयोग से उनके राज्यसभा में पहुंचने की संभावना बनी हुई है।

कांग्रेस से बेनी को मिल सकता है मौका

कांग्रेस से पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद, बेनी वर्मा और प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री को दावेदार माना जा रहा है। यदि कांग्रेस ने इनमें से किसी को प्रत्याशी बनाया तो 10-12 अतिरिक्त वोटों का इंतजाम करना होगा। निर्दलीय और छोटे दलों की सहायता से अतिरिक्त वोट जुटाए जा सकते हैं।

सपा भी उनकी कुछ मददगार हो सकती है। जहां तक बेनी का सवाल है, वह मुलायम के पुराने सहयोगी रहे हैं लेकिन कांग्रेस में जाने के बाद वह उनके बड़े आलोचक हो गए। फिर भी जातीय समीकरणों को साधने के लिए सपा पुराने संबंधों को निभाते हुए उन्हें राज्यसभा में भेज सकती है।

भाजपा से टंडन व बसपा से राजाराम का नाम चर्चा में
भाजपा से राज्यसभा की एक सीट के लिए कुसुम राय के साथ ही लालजी टंडन भी दावेदार हैं। बताया जाता है कि पार्टी उन्हें राज्यपाल बनाने पर विचार कर रही थी लेकिन टंडन इसके इच्छुक नहीं है। यह भी संभव है कि भाजपा पुराने नेताओं को दरकिनार कर संघ के किसी प्रचारक को राज्यसभा भेजने का फैसला करे।

उधर, बसपा से राज्यसभा सदस्यता के कई दावेदार हैं लेकिन राजाराम और बृजेश पाठक का नाम सबसे ऊपर बताया जा रहा है। इन दोनों का राज्यसभा का कार्यकाल समाप्त भी हो रहा है। बसपा में कई कोऑर्डिनेटर दावेदार हैं लेकिन अंतिम फैसला सुप्रीमो मायावती को ही करना है।
विज्ञापन

विधानसभा में दलीय स्थिति

सपा--231
बसपा--80
भाजपा--40
कांग्रेस--28

रालोद--08
पीस पार्टी--04
कौएद--02
एनसीपी--01

अपना दल--01
आईएमसी--01
टीएमसी--01
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें