लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में दिए जाने वाले पदक और छात्र संख्या दोनों ही मामलों में अन्य जनपद के कॉलेजों की भागीदारी बढ़ती जा रही है। लखनऊ के साथ ही हरदोई, सीतापुर, रायबरेली और लखीमपुर के कॉलेज लखनऊ विश्वविद्यालय से संबद्ध हैं। रायबरेली को छोड़कर बाकी सभी जनपदों में सत्र 2024-25 में दाखिलों की संख्या करीब 20 फीसदी बढ़ गई है।
सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत अमर उजाला को मिली जानकारी के अनुसार लखनऊ में भले ही दाखिलों की संख्या कम हो रही हो, लेकिन सत्र 2024-25 में कॉलेजों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी है। लखनऊ विश्वविद्यालय की आर्थिक स्थिति में सुधार करने की मंशा के तहत शासन ने हरदोई, सीतापुर, रायबरेली और लखीमपुर के डिग्री कॉलेज लविवि से संबद्ध कर दिए थे। शुरुआती कुछ वर्षों में दाखिलों की संख्या में कमी दिखाई दे रही थी, लेकिन अब इनमें सुधार होता दिखाई दे रहा है।
कॉलेज के विद्यार्थियों के हिस्से में आए आधे मेडल
16 सितंबर को हुए लविवि के दीक्षांत समारोह में 201 मेडल दिए गए। इनमें से आधे मेडल कॉलेज के विद्यार्थियों के हिस्से में आए। पांच साल पहले तक इक्का-दुक्का पदक ही कॉलेजों के खाते में जाते थे। अब न सिर्फ कॉलेजों में पदक बढ़े हैं, बल्कि दाखिलों की संख्या भी बढ़ी है।
डिग्री पर नहीं होता कॉलेज का नाम
लखनऊ विवि आवासीय विश्वविद्यालय है। आवासीय विश्वविद्यालय से जुड़े कॉलेज संबद्ध के बजाय सहयुक्त कहलाते हैं। इसी वजह से विश्वविद्यालय की डिग्री पर सिर्फ विश्वविद्यालय का नाम होता है। सिर्फ अंकपत्र पर ही कॉलेज का नाम पड़ा होता है। अन्य जनपद के विद्यार्थियों को उनके नजदीक के कॉलेज से ही लखनऊ विश्वविद्यालय की डिग्री मिल रही है। इसीलिए लखनऊ विश्वविद्यालय या फिर लखनऊ आने के प्रति उनका क्रेज कम हो रहा है।
जनपदवार हर सत्र में दाखिलों की स्थिति
जनपद सत्र 2021-22 2022-23 2023-24 2024-25 एक साल में दाखिलों में बढ़ोतरी प्रतिशत
सीतापुर 28,134 24,140 20,110 24,025 3915 19.46
रायबरेली 26,768 22,655 21,437 21,273 164 (-).76
लखीमपुर 23,871 21,001 20,593 24,468 3875 18.81
हरदोई 33,045 31,776 29,400 35,508 6108 20.77
कोट
लखनऊ विश्वविद्यालय को मान्यता बांटने के साथ ही कॉलेजों के इंफ्रास्ट्रक्चर और पढ़ाई का स्तर भी देखना चाहिए। ऐसा न होने पर लविवि की डिग्री की मान्यता कम होगी। इस दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे।
- डॉ. मनोज पांडेय, अध्यक्ष, लखनऊ विश्वविद्यालय सहयुक्त कॉलेज शिक्षक एसोसिएशन