अमर उजाला के डालीबाग स्थित कार्यालय में रविवार को हुआ संवाद।
लखनऊ। प्रदेश की राजधानी होने के नाते लखनऊ का विकास तेजी से हो रहा है। इस विकास में जाम की समस्या पैबंद की तरह नजर आ रही है। एक स्थान से दूसरे तक जाने में जाम देरी की वजह बनता है। साथ ही प्रदूषण बढ़ाने का काम भी करता है। अमर उजाला के डालीबाग स्थित कार्यालय में रविवार को हुए संवाद कार्यक्रम में पाठकों ने कुछ इसी तरह की समस्याएं साझा कीं।
शहर के हर हिस्से में बड़े और छोटे दोनों मार्ग पर जाम की समस्या रहती है। हुसैनाबाद में घंटाघर के आसपास ई-रिक्शा के साथ ही शाम चार बजे से लगने वाली दुकानों की वजह से लोगों का घरों से निकनलता तक मुश्किल हो जाता है। बीमार होने पर एंबुलेंस तक जाम में फंसती है। ज्यादातर पुलिस चौकियों के पास वाहन बेतरतीब खड़े रहते हैं। इसकी वजह से भी जाम लगता है। इस पर कोई पुलिस वाला ध्यान नहीं देता है। जाम के अलावा साफ पानी की आपूर्ति भी बड़ा मुद्दा है। घरों में पानी के साथ ही बालू की आपूर्ति हो रही है। इस वजह से मोटर आए दिन खराब हो रहे हैं। इनके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य में डॉक्टरों के समय से न आने की भी बड़ी समस्या है। इसी वजह से वहां पर लंबी लाइन लग जाती है।
संवाद में उठे ये मुद्दे
जाम की समस्या का ठोस हल निकाला जाए।
ई-रिक्शा पर लगाम लगाने के लिए रणनीति बनाई जाए।
जल आपूर्ति में सुधार किया जाए।
चिनहट में किसान पथ के पास खराब सड़क को दुरुस्त किया जाए।
लखनऊ में आईटी सिटी की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस वजह से कंपनियां यहां से पलायन कर रही हैं।
शहर में प्रदूषण की समस्या बढ़ रही है, इसे कम करने के प्रयास किए जाएं।
जनसुविधा केंद्र और अन्य कार्यालयों में होने वाली अवैध वसूली पर अंकुश लगाया जाए।
अमर उजाला के डालीबाग स्थित कार्यालय में रविवार को हुआ संवाद।