प्रदेश के विभिन्न प्रतिष्ठानों में काम कर रहे लाखों पंजीकृत श्रमिकों के लिए अच्छी खबर है। सरकार उनका मासिक भत्ता 15 हजार से बढ़ाकर 24 हजार रुपये करने जा रही है। उत्तर प्रदेश श्रम कल्याण परिषद ने इसकेलिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसे लागू कर दिया जाएगा।
प्रदेश में 17,500 से अधिक फैक्टरियां हैं। इनमें पंजीकृत श्रमिकों की संख्या छह लाख से अधिक है। इन श्रमिकों का मासिक भत्ता कुछ वर्षों पहले 15 हजार रुपये किया गया था। इसके बाद महंगाई बढ़ती गई, लेकिन भत्ते में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। इसे लेकर कई बार बात उठी, पर अनदेखी की जाती रही। अब सरकार ने भत्ता बढ़ाने का फैसला किया है। इसके लिए उत्तर प्रदेश श्रम कल्याण निधि अधिनियम 1965 में संशोधन कर विधेयक तैयार किया गया है। इसके तहत नियमावली के कई बिंदुओं में संशोधन प्रस्तावित है। इसके बाद श्रमिकों के पंजीयन को लेकर फोकस किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक श्रमिकों को सरकार की इस योजना का लाभ मिल सके। परिषद श्रमिकों के ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था पहले ही शुरू कर चुकी है।
कल्याण निधि भी बढ़ेगी
श्रमिकों की कल्याण निधि बढ़ाने का भी प्रस्ताव है। इसके लिए सेवा योजक से 20 रुपये और श्रमिक से 10 रुपये प्रतिमाह लिया जाएगा। तय समय सीमा में राशि जमा न करने पर सेवा योजकों को दो प्रतिशत साधारण दर ब्याज का भी भुगतान करना होगा। कल्याण निधि से श्रमिकों के कल्याण के कार्य किए जाएंगे।
श्रमिकों के भत्तों में वृद्धि का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। जल्द ही इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए रखा जाएगा।
-सुनील भराला, अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश श्रम कल्याण परिषद