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लाल बत्ती न सही पर जलवा तो कायम ही रहेगा!

Tue, 16 Dec 2014 01:32 AM IST
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
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न्यायालय के फैसले की वजह से राज्य सरकार ने पार्टी नेताओं और अपने चहेतों को मंत्री का दर्जा और लालबत्ती देना तो बंद कर दिया, लेकिन उन्हें मंत्री जैसी सुविधाएं देने का मोह नहीं छोड़ पाई।
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सरकार ने विभिन्न विभागों, निगमों व संस्थाओं में नियुक्त किए जाने वाले गैरसरकारी अध्यक्षों, उपाध्यक्षों, सलाहकारों व सदस्यों को लालबत्ती छोड़कर मंत्री की तरह सभी खास सुविधाएं देने का आदेश जारी कर दिया है। ‘अमर उजाला’ ने 11 दिसंबर के अंक में ही इस संबंध में खबर प्रकाशित की थी।

बताते चलें, शासन ने न्यायालय के कड़े रुख के बाद प्रदेश के विभिन्न विभागों, निगमों व संस्थाओं में नियुक्त 82 दर्जा प्राप्त मंत्रियों को हटा दिया था। कुछ दिन बीते और सरकार ने फिर से सलाहकारों व उपाध्यक्षों की तैनाती शुरू कर दी।
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नए उपाध्यक्षों व सलाहकारों के नियुक्ति आदेश में मंत्री स्तर का उल्लेख नहीं हो रहा है, लेकिन ये मंत्री स्तर के वाहन व अन्य सुविधाओं का उपभोग कर रहे हैं।

पर कैसे दी जा रही है सुविधाएं

सवाल ये उठ रहा था कि जब बिना मंत्री का दर्जा दिए तैनाती हुई है तो दर्जा प्राप्त मंत्री की तरह सुविधाएं कैसे दी जा सकती हैं। शासन ने पिछली कैबिनेट में इसका रास्ता निकाल लिया।

गुपचुप तरीके से विभिन्न विभागों, निगमों, उपक्रमों, परिषदों, आयोगों व संस्थाओं में गैरसरकारी अध्यक्षों, उपाध्यक्षों, सलाहकारों व सदस्यों को बिना लालबत्ती दिए पूर्व के दर्जा प्राप्त मंत्रियों की तरह सुविधाएं देने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई।

सोमवार को प्रमुख सचिव वित्त राहुल भटनागर ने इस संबंध में जारी पूर्व के आदेशों को हटाते हुए नया शासनादेश जारी कर दिया।

इसमें स्पष्ट किया गया है कि गैरसरकारी अध्यक्षों, उपाध्यक्षों, सलाहकारों व सदस्यों को मानदेय, भत्ते व अन्य सुविधाएं संबंधित विभाग, निगम, उपक्रम, परिषद, आयोग व संस्था उपलब्ध कराएंगी जहां से वे नियुक्त किए जाएंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
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ये सुविधाएं पाएंगे महानुभाव

मानदेय : अध्यक्ष व सलाहकार को 40 हजार रुपये प्रतिमाह, उपाध्यक्ष को 35 हजार रुपये प्रतिमाह।

आवासीय सुविधा : अध्यक्ष व सलाहकार को 10 हजार रुपये प्रतिमाह आवासीय भत्ता।

वाहन : अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व सलाहकार को एक वाहन मिलेगा।
यात्रा भत्ता/दैनिक : अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सलाहकार व सदस्यों को बैठकों में भाग लेने केलिए उसी दर पर मिलेगा जैसा कि संबंधित संस्था के सीईओ स्तर के सरकारी अधिकारी के लिए तय हो।

टेलीफोन की सुविधा : अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व सलाहकार को टेलीफोन की सुविधा कार्यालय तथा आवास दोनों स्थानों पर प्रति टेलीफोन 25 हजार रुपये सालाना मिलेगी। गैरसरकारी सदस्य को टेलीफोन सुविधा केवल आवास पर अधिकतम 15 हजार रुपये सालाना मिलेगी।

पर्सनल स्टाफ : अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व सलाहकार को एक पीए व दो अनुसेवक मिलेगा।
चिकित्सा सुविधा : अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सलाहकार व सदस्यों को प्रदेश सरकार के अधीन कार्यरत समूह ‘क’ के अधिकारियों के समान।
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