लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार थाने की हवालात में शुक्रवार सुबह सीतापुर निवासी 30 वर्षीय उमेश ने बेल्ट से फांसी लगा ली। उसे रिटायर्ड डीआईजी के घर चोरी के आरोप में पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया था।
प्रथम दृष्टया लापरवाही का दोषी पाते हुए कार्यवाहक इंस्पेक्टर, नाइट अफसर समेत पांच पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज कर निलंबित कर दिया गया है।
गोमतीनगर विस्तार थाने का चार्ज क्राइम ब्रांच से इंस्पेक्टर अखिलेश चंद्र पांडेय को सौंपा गया है। डीसीपी पूर्वी सोमेन वर्मा ने कहा कि उमेश ने खुदकुशी की है। हालांकि, पोस्टमार्टम न होने से मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी।
डीसीपी ने बताया कि रिटायर्ड डीआईजी उदय अंकर जायसवाल आशियाना में रहते हैं।
खरगापुर के कौशलपुरी में भी उनका मकान है, जिसकी देखरेख नौकर राजकुमार करता है। गुरुवार रात राजकुमार ने मकान में घुसे चोर को दबोच लिया। उसकी पहचान सीतापुर के महोली स्थित मुरनिया गांव के उमेश के रूप में हुई। सुबह उसे हवालात में बंद कर दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि सुबह छह से आठ बजे के बीच किसी वक्त उमेश ने बेल्ट से फांसी लगा ली।
पुलिसकर्मी ने उसे फंदे से लटका देखा। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। डीसीपी ने बताया कि लापरवाही के आरोप में अतिरिक्त निरीक्षक बृजेश कुमार यादव, उपनिरीक्षक कौशलेंद्र सिंह, जीडी लेखक राधामोहन सिंह, संतरी दीपक कटाना, पहरे पर तैनात सिपाही राज का निलंबन व इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।