प्राथमिकी के अनुसार, अरविंद पांडेय ने मरीपुर, देवा रोड, बाराबंकी में प्लॉट बना रखे थे। पूनम सिंह ने चार लाख रुपये में 3200 वर्गफीट का प्लॉट बुक कराया था। उन्होंने 25 प्रतिशत बुकिंग राशि व अगस्त 2015 तक पांच हजार रुपये प्रतिमाह पोस्ट डेटेड चेक से जमा किए। आरोप है कि निदेशक ने नवंबर 2011 में बिना बताए जमीन बेच दी। आरोपी अगस्त 2015 तक पांच हजार रुपये का पोस्ट डेटेड चेक खाते में जमा कराता रहा। निदेशक 2014 तक समझौते की जमीन बेचता रहा। रकम वापस मांगने पर आनाकानी की। इसकी शिकायत करने पर 15 साल बाद आरोपी ने दो लाख 40 हजार रुपये लौटाए, शेष रकम नहीं दी। पीड़िता ने पुलिस से ब्याज सहित ठगी की रकम वापस दिलाने की मांग की है।