लखनऊ। सीआईडी में तैनात एएसपी मुकेश प्रताप सिंह की पत्नी नितेश की मौत के मामले में हत्या की तहरीर पर रविवार को भी केस दर्ज नहीं किया गया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस जांच का हवाला देकर मामले को दबाने के प्रयास में है।
डीसीपी मध्य डाॅ. आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि नितेश के भाई प्रमोद की तहरीर मिली थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही केस दर्ज किए जाने पर फैसला किया जाएगा। पुलिस सूत्र बताते हैं कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और जल्द ही एएसपी मुकेश प्रताप सिंह का बयान भी दर्ज कर सकती है।
नितेश के भाई प्रमोद का आरोप है कि शादी के कुछ वर्ष बाद ही आशियाना निवासी एक महिला से मुकेश के करीबी संबंध हो गए थे। इस वजह से वह नितेश को मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान करते थे। इसकी जानकारी प्रमोद को उनकी बहन ने कई बार दी थी। नितेश ने बताया था कि महिला से उसके पति फोन, मेसेज पर बात करते हैं और बाहर मिलते हैं। प्रमोद ने हर बार बहन को परिवार व बच्चों का हवाला देकर समझा दिया था।
प्रमोद का कहना है कि 30 जुलाई को भांजी अनन्या ने फोन कर बताया था कि मंगलवार को पापा और बुआ ने एक महिला को लेकर मां से झगड़ा किया था। दोनों मां को घर से जाने के लिए कह रहे थे। इसके बाद नितेश फंदे पर लटकी मिलीं थीं।