इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स (एनआई) एक्ट मामले में निचली अदालत से जारी गिरफ्तारी वारंट तामील न करवाने पर प्रयागराज के एसएसपी को निजी हलफनामा दाखिल करके स्थिति स्पष्ट करने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति राजीव सिंह ने यह आदेश लखनऊ के विजय कुमार पांडेय की याचिका पर दिया। अगली सुनवाई 10 जून को होगी।
याची का कहना था कि उसने करीब तीन लाख रुपये के चेकबाउंस मामले में एनआई एक्ट की धारा 138 के तहत संबंधित मजिस्ट्रेट के सामने एक केस वर्ष 2019 में दायर किया। इस पर संज्ञान लेते हुए मजिस्ट्रेट ने आरोपी को कोर्ट में हाजिर होने का सम्मन जारी किया लेकिन वह हाजिर नहीं हुआ। यह केस स्थानीय गाजीपुर थाना क्षेत्र से संबंधित है।
कई बार जमानती वारंट जारी होने के बाद आरोपी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया। इसका अनुपालन पुलिस महकमे को सुनिश्चित कराना था। अगर आरोपी फरार है या मिल नहीं रहा है तो उसकी रिपोर्ट मजिस्ट्रेट को प्रेषित करनी थी लेकिन प्रयागराज पुलिस ने ऐसा नहीं किया।
इसके बाद मजिस्ट्रेट की अदालत ने सीआरपीसी की धारा 82 के तहत फरारी और 83 के तहत कुर्की का आदेश पारित कर दिया। इसका अनुपालन भी पुलिस ने नहीं कराया। इसके बाद याची ने हाईकोर्ट में यह याचिका की।